केमिकल लगाकर नकली नोट बनाकर रुपये दोगुना करने का झांसा देने वाले अंतर्जनपदीय गिरोह का कोतवाली पुलिस ने भंडाफोड़ किया है। मामले में जेल के सिपाही समेत पांच लोगों को गोपालापुर के पास से पुलिस ने गिरफ्तार करते हुए उनके पास से डेढ़ लाख रुपये, केमिकल और नोट के आकार के सादे कागज व पांच मोबाइल बरामद किए हैं। गिरोह ने इलाहाबाद, कौशाम्बी,गोंडा, मिर्जापुर, फतेहपुर व पूर्वी चंपारण तक अपना जाल फैला रखा है।
पुलिस अधीक्षक माधव प्रसाद वर्मा ने बताया कि गिरोह के लोग मऊआइमा के गमरहटा निवासी आकाश यादव पुत्र राजबहादुर यादव को इलाहाबाद-फैजाबाद रोड पर गोपालापुर ढाबे के करीब मंदिर परिसर में गुरुवार की रात साढ़े नौ बजे नकली रुपये देने का सौदा कर रहे थे। आकाश उन लोगोें से सादे कागज को नोट में बदलने तक रुकने के लिए कह रहा था, लेकिन वे पहले ही जाना चाहते थे। इस बात की भनक लगते ही कोतवाली पुलिस पहुंच गई और घेराबंदी कर पांचों लोगों को धर दबोचा। तलाशी के दौरान उनके पास से डेढ़ लाख रुपये, एक शीशी में केमिकल, पांच मोबाइल, ढाई सौ नोटों का सादा कागज (एक हजार रुपये के नोट के आकार का) और बोलेरो मिली।
छताछ के दौरान केमिकल से नकली नोट बनाने व धन दोगुना कर लोगों को ठगने का काम करने की बात पकड़े गए लोगों ने स्वीकार की। एसपी ने बताया कि जेल आरक्षी राजीव कुमार दुबे पुत्र सुभाषचंद दुबे निवासी पड़री थाना रानीपुरजनपद मऊ अपने साथी शैलेंद्र तिवारी पुत्र श्यामशंकर तिवारी निवासी भवराम बोझी थाना लालगंज के साथ सौदेबाजी के दौरान धमक पड़ते थे। ठगने वाले गिरोह के सदस्य रुपये लेकर भाग निकलते थे और सादे कागज व कुछ रुपये के साथ दोगुना रुपये लेने वाला पकड़ा जाता था।