रविवार रात और सोमवार भोर में पुलिस की लालगंज और नगर कोतवाली इलाके में बदमाशों से मुठभेड़ हो गई। दोनों तरफ से फायरिंग हुई। पुलिस की गोली लगने से एक बदमाश गंभीर रूप से घायल हो गया। उसे प्रयागराज रेफर किया गया है। दो सिपाही भी घायल हुए हैं। मुठभेड़ के दौरान पुलिस ने सिपाही को गोली मारने के मामले में फरार चल रहे शातिर अपराधी प्रदीप सिंह उर्फ डब्बू सिंह समेतपांच बदमाशों को गिरफ्तार कर लिया। उनके पास से चोरी की बाइक और पांच तमंचे बरामद हुए।
पुलिस अधीक्षक एस आनंद ने बताया कि रविवार की रात लालगंज के प्रभारी निरीक्षक बदमाशों की तलाश में निकले हुए थे। सर्विलांस की मदद से पता चला कि 25 हजार का शातिर अपराधी प्रदीप सिंह उर्फ डब्बू सिंह अपने साथियों के साथ शहर की ओर जा रहा है। लोनी नदी के पास लालगंज पुलिस ने बैरियर लगाकर उसकी इनोवा कार रोकने का प्रयास किया। पुलिस को देखते ही कार सवार लोग भागने लगे। पुलिस ने पीछा किया तो फायरिंग शुरू कर दी। हालांकि घेराबंदी कर पुलिस ने कार सवार डब्बू सिंह निवासी मीराभवन पांडेय का पुरवा, रविंद्र सिंह उर्फ जानी पुत्र यशवंत निवासी भइया का सराय जेठवारा और उत्कर्ष प्रताप सिंह उर्फ प्रिंस सिंह पुत्र माताफेर सिंह पूरे धनई नारायणपुर थाना जेठवारा को दबोच लिया।
उनके पास से दो तमंचा व एक पिस्टल बरामद हुई। एसपी ने बताया कि पूछताछ में डब्बू सिंह ने बताया कि 17 जुलाई 2018 को पीडब्ल्यूडी तिराहे के पास सिपाही करन प्रताप सिंह को गोली मारने वाला उसका साथी पवन पांडेय पुत्र बटेश्वरनाथ पांडेय निवासी मीराभवन शहर में है। इस पर लालगंज व नगर कोतवाली पुलिस के साथ ही स्वॉट टीम पवन की तलाश करने लगी। सोमवार भोर में शहर के अंबेडकर चौराहे के पास बाइक सवार दो युवक आते दिखे। पुलिस ने रोकने का प्रयास किया तो वह सिटी की ओर भागने लगे। नरवा जंगल की ओर भाग रहे बदमाश खुद को घिरते देख बाइक खड़ी कर पुलिस पर फायरिंग करने लगे। बदमाशों की फायरिंग में आरक्षी इबरार अहमद के हाथ व अरविंद दुबे के पैर में गोली लग गई।
पुलिस की जवाबी फायरिंग में इनामी शूटर पवन पांडेय के पैर में गोली लग गई। पुलिस ने पवन और उसके साथी आकाश सिंह पुत्र अरुणेश सिंह निवासी सराय आनादेव थाना जेठवारा को दबोच लिया। उनके पास से चोरी की बाइक और दो तमंचा बरामद किया। घायल बदमाश पवन पांडेय और सिपाहियों को उपचार के लिए जिला अस्पताल लाया गया। पवन की हालत गंभीर देख डाक्टरों ने उसे प्रयागराज रेफर कर दिया। पुलिस अभिरक्षा में उसे एसआरएन ले जाया गया। एसपी ने बताया कि प्रदीप सिंह डब्बू, रवींद्र सिंह, उत्कर्ष सिंह और आकाश सिंह को जेल भेजा जा रहा है। प्रदीप और पवन सिपाही के ऊपर जानलेवा हमला करने के आरोप में फरार चल रहे थे।
पुलिस अधीक्षक एस आनंद ने बताया कि कंधई थाना क्षेत्र के पूरे पांडेय निवासी विक्रम सिंह की 13 दिसंबर 2015 को गोली मारकर हत्या कर दी गई थी। हत्या प्रदीप सिंह डब्बू ने कराई थी। प्रदीप का जिस लड़की से संबंध था, उसी से विक्रम ने अपना रिश्ता बना लिया था। विक्रम की हत्या के लिए मकसूद और यासिर को प्रदीप ने सुपारी दी थी। मौजूदा समय में मकसूद जेल में निरुद्ध है और यासिर की हत्या हो चुकी है।
एसपी ने बताया कि 17 जुलाई 2018 को लोनिवि तिराहे पर मॉडल शाप के करीब गाड़ी खड़ी करने के विवाद में इनोवा सवार प्रदीप सिंह डब्बू और पवन पांडेय के अलावा अनंत सिंह पुत्र छोटेलाल, अंकित श्रीवास्तव पुत्र अमित श्रीवास्तव, सूरज शुक्ला पुत्र राकेश शुक्ला, दीपू शुक्ला पुत्र रामवृक्ष शुक्ला भी बैठे थे। चार आरोपी फरार हैं। जिनकी तलाश की जा रही है।
पुलिस अधीक्षक एस आनंद ने बताया कि सुपारी किलर प्रदीप सिंह डब्बू के ऊपर हत्या, बलवा, लूट समेत 34 संगीन मुकदमे विभिन्न थानों में दर्ज हैं। रवींद्र समेत अन्य के ऊपर भी चार पांच मुकदमे दर्ज हैं। सभी ऐशो आराम की जिंदगी के लिए डब्बू के लिए काम करते थे। सभी के खिलाफ गैंगस्टर लगाने के साथ ही अपराध के जरिए एकत्र की गई संपत्ति जब्त करने की कार्रवाई भी होगी। डब्बू ने दूसरे लोगों की जमीन पर भी कब्जा कर रखा है।
पुलिस लाइन में प्रेस कांफ्रेंस के बाद पुलिस अधीक्षक एस आनंद ने मातहतों को निर्देश दिया कि प्रदीप सिंह व उसके शूटरों को पैदल ही न्यायालय मं पेशी पर ले जाया जाए। एसपी के आदेश पर लालगंज कोतवाल, स्वॉट टीम व कोतवाली पुलिस सभी को पैदल चौराहे से घुमाते हुए न्यायालय ले गई।