लालगंज में पत्नी से विवाद के बाद पति ने खुद को आग के हवाले कर दिया। गंभीर रूप से झुलसे पति को इलाज के लिए इलाहाबाद ले जाया जा रहा था। रास्ते में उसकी मौत हो गई। लालगंज पुलिस घटना से अनजान है। लालगंज कोतवाली के अलीपुर बल्दू का पुरवा निवासी गया प्रसाद (45) का गुरुवार दोपहर मोबाइल पर बात करने को लेकर पत्नी से पूछताछ करने लगा। जिसे लेकर पति व पत्नी के बीच तकरार होने लगी। ग्रामीणों की मानें तो विवाद के दौरान पत्नी के संग बच्चों ने मिलकर गया प्रसाद से हाथापाई की। इससे क्षुब्ध होकर गया शिकायत लेकर रानीगंज कैथौला पुलिस चौकी गया। उसने अपनी तहरीर पुलिस को दी, लेकिन पुलिसकर्मियों ने उसके प्रार्थना पत्र को दरकिनार करते हुए टरका दिया।
वह शाम को घर लौटा तो पत्नी से फिर विवाद होने लगा। इससे क्षुब्ध गया प्रसाद ने घर के भीतर केरोसिन का डिब्बा निकाला और खुद के ऊपर छिड़कने के बाद आग लगा लिया। आग से वह जलने लगा। शोरशराबा सुनकर आसपास के लोग दौड़े और किसी तरह आग बुझाई। गंभीर रूप से झुलसे गया प्रसाद को स्थानीय अस्पताल ले जाया गया। वहां डाक्टरों ने उसकी हालत गंभीर देख इलाहाबाद रेफर कर दिया। परिवार के लोग उसे लेकर इलाहाबाद जा रहे थे। एसआरएन पहुंचने से पहले ही उसकी सांसें थम गईं। यह देख परिजन शव लेकर वापस लौट पड़े। इस बाबत प्रभारी कोतवाल अमित पांडेय का कहना है कि उन्हें घटना की जानकारी नही है।
पुलिस की लापरवाही से चली गई गया की जान
अलीपुर बल्दू का पुरवा निवासी गया प्रसाद पत्नी से विवाद के बाद शिकायत लेकर रानीगंज कैथौला पुलिस चौकी पहुंचा। उसने आपबीती पुलिस को सुनाई लेकिन पुलिस ने उसकी शिकायत को हल्के में ले लिया। लोगों का कहना है कि यदि पुलिस ने गया प्रसाद की शिकायत को लेकर गंभीरता से लिया होता तो शायद उसकी जान न जाती। पुलिस की लापरवाही से एक युवक की जान चली गई।
पत्नी को दूसरों से बात करना नहीं था पसंद
बल्दू का पुरवा निवासी गया प्रसाद शुक्ला की पत्नी अक्सर गांव के लोगों से बातें करते रहती। जो गया प्रसाद को पसंद नही था। कई बार उसे रोका भी , लेकिन वह अपनी आदत में सुधार नहीं कर रही थी। इसे लेकर ही गुरुवार को विवाद शुरू हुआ। जिसके चलते गया को जान देनी पड़ गई।