गुरुवार को भोर में नगर कोतवाली के भुलियापुर और अहमद नगर में अफसरों ने भारी पुलिस बल के साथ छापा मारा। अपराधियों के मौजूदगी की आशंका में जबरन दरवाजा खुलवाकर पुलिस ने आलमारी तक खंगाली। आरोप है कि पुलिसकर्मियों ने लोगों से अभद्रता करने के साथ ही लूटपाट व तोड़फोड़ भी की। पुलिसिया कार्रवाई से ग्रामीण दहशत में हैं। इस कार्रवाई से आक्रोशित लोगों ने जिलाधिकारी व पुलिस अधीक्षक का घेराव कर अपना पक्ष रखा और पुलिसकर्मियों की ज्यादती की शिकायत की। पुलिस 14 बाइकें, एक इनोवा व एक ई-रिक्शा उठा ले गई। जिसे छुड़ाने के लिए भारी संख्या में लोग कोतवाली में डटे रहे।
नगर कोतवाली के भुलियापुर, अहमद नगर, मिल्लत नगर, आजाद नगर, अहमद नगर और भुलियापुर में गुरुवार को सुबह साढ़े पांच बजे पुलिस अफसरों ने करीब दस थानों की फोर्स के साथ दबिश दी। सैकड़ों की संख्या में पुलिसकर्मियों ने पूरे इलाके को चारों ओर से घेर लिया। आने-जाने वाले रास्ते पर पुलिस का पहरा रहा। घरों में सो रहे लोगों को जगाया गया। इसके बाद उनके घर के कोने-कोने में पुलिसकर्मी घुसकर खोजबीन करते रहे। लोगों का कहना है कि चारपाई, बिस्तर के साथ ही आलमारी व ब्रीफकेस में भी पुलिसकर्मी तलाशी लेते रहे। करीब नौ बजे तक पुलिसकर्मी लोगों की घरों की तलाशी लेते रहे। आरोप है कि इस दौरान जो भी विरोध करता, उसे डांटकर खामोश करा दिया जाता। कार्रवाई के दौरान पुलिसकर्मी 14 बाइकें, एक इनोवा और एक ईरिक्शा कोतवाली पहुंचा दिए। 50 घरों में तोड़फोड़ के साथ ही शाकिर अली के घर से 45 हजार रुपये और जेवरात पुलिसकर्मी ले लिए। लोगों का आरोप था कि पुलिसकर्मी केवल मुस्लिमों के घरों में तलाशी लेते रहे। पुलिसिया तांडव से हर कोई हतप्रभ रहा। पुलिस की कार्रवाई ऐसी लग रही थी कि जैसे इलाके में कोई शातिर अपराधियों का गैंग मौजूद हो। पुलिसिया कार्रवाई के विरोध में माइनारटीज वेलफेयर सोसाइटी के नगर अध्यक्ष इसरार अहमद की अगुवाई में आक्रोशित लोगों ने जिलाधिकारी व पुलिस अधीक्षक का घेराव किया। कहा कि बिना किसी वारंट के घरों की तलाशी ली गई। सिर्फ एक वर्ग विशेष के घरों में ही अपराधी घुसे थे। यदि पुलिसिया जुल्म रोका न गया तो वे लोग सड़क पर उतरने को बाध्य होंगे। इस मौके पर जफरुल हसन, अब्दुल जब्बार, सिराजुद्दीन, इमाम अली, लुकमान, उमर, नसीम समेत अन्य लोग मौजूद रहे।