मारपीट व हरिजन एक्ट के मामले में गवाह वृद्ध की गुरुवार की रात लाठी डंडे व धारदार हथियार से हत्या कर दी गई। घटना की जानकारी लोगों को शुक्रवार की सुबह हो सकी। सूचना मिलने पर पहुंची पुलिस ने शव को पीएम के लिए भेजने के बाद नामजद हत्यारोपियों को धर दबोचा।
अंतू नगर पंचायत के बैजनथवा निवासी काशी प्रसाद रजक (60) गुुरुवार की रात खाना खाने के बाद अमेठी सीमा पर स्थित पंपिंगसेट पर सोने जा रहा था। गांव के रामखेलावन से उसका पुराना विवाद चल रहा था। पंपिगसेट से पचास मीटर पहले ही कुछ लोगों ने उसके ऊपर हमला बोल दिया। लाठी-डंडे के साथ ही धारदार हथियार से उस पर प्रहार किया। वह जान बचाने के लिए सरसों के खेत की ओर भागा। हमलावरों ने उसे दबोच लिया और जमकर पीटा। जिससे उसकी मौत हो गई। शुक्रवार की सुबह वह घर नहीं आया तो परिजन उसे खोजते हुए पंपिंगसेट पर पहुंचे। वहां भी काशी न मिला तो आसपास खोजबीन करने लगे। सरसों के खेत में उसकी रक्तरंजित लाश मिली। यह देख लोग रोने पीटने लगे। घटना की जानकारी मिलने पर पहुंचे थानाध्यक्ष हरिपाल सिंह यादव ने छानबीन के बाद शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया। मृतक के बेटे की तहरीर पर पुलिस ने पुलिस ने राम खेलावन और शिवकुमार के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर लिया। पुलिस ने दोनों की तलाश में दबिश दी। कुछ ही देर में दोनों हत्यारोपियों को पुलिस ने धर दबोचा।
थानाध्यक्ष ने बताया कि वर्ष 2011 में हुई मारपीट व हरिजन एक्ट के मामले में मृतक गवाह था। रामखेलावन पक्ष के लोग बराबर तारीख पर तारीख ले रहे थे। 4 जनवरी को काशी की गवाही होनी थी। कई बार गवाही देने से काशी को रोका गया था, लेकिन वह मानने के लिए तैयार नही था। इसलिए हत्यारोपियों ने काशी को मौत के घाट उतार दिया।