एआरटीओ कार्यालय में हुई 22 लाख की लूट की घटना की जांच करने के लिए कोतवाली पुलिस ने मंगलवार को जेल में पहुंचकर चार शातिर बदमाशों से पूछताछ की। यहां से पुलिस को कुछ महत्वपूर्ण क्लू मिले हैं। इससे पुलिस को अब लूट के आरोपियों को पकड़ने में असानी होगी। पुलिस का दावा है कि एआरटीओ के कुछ ऐसे दलाल हैं जिनके तार जेल में बंद शातिरों से जुड़े हैं।
एआरटीओ कार्यालय में गुरुवार को दो नकाबपोश बदमाशों ने अंधाधुंध फायरिंग करते हुए स्वीपर रज्जन प्रसाद को गोली मारकर 22 लाख रुपये लूट लिए थे। घटना के बाद से कोतवाली पुलिस आरोपियों की धरपकड़ के लिए हाथ पैर मार रही है। लेकिन अभी तक किसी ठोस नतीजे पर नहीं पहुंच पाई है। सोमवार को पुलिस को यह पता चला कि लूट के तार जेल से जुड़े हैं। कोतवाल के निर्देश पर मंगलवार सुबह चिलबिला और जेल चौकी इंचार्ज जेल पहुंचे। यहां चार शातिरों से मिलकर लूट के मामले में पूछताछ की। हलाकि पुलिस अभी कुछ बताने को तैयार नहीं है, मगर उसे कई ऐसे क्लू मिले हैं जिससे लूट का खुलासा करने में असानी होगी।
ऐसे में जल्द ही आरोपी भी गिरफ्तार हो जाएंगे। शहर कोतवाल हरिपाल सिंह यादव ने बताया कि जेल में लूट और हत्या के मामलों में बंद कई शातिर अपराधियों से एआरटीओ कर्मचारियों के साथ ही उनके दलालों का संबंध है। कुछ जानकारी जेल से मिल गई है। कई दलाल और एआरटीओ कर्मचारियों का नाम सामने आ रहा है। पूछताछ की जा रही है। जल्द ही खुलासा भी हो जाएगा।