बुधवार की रात स्वॉट टीम व कोतवाली पुलिस ने आजाद नगर में धावा बोला। मदरसा संचालक उसके बेटे व भतीजे को पुलिस उठा लाई। उन्हें गुप्त स्थान पर रखकर पुलिस पूछताछ कर रही है। मदरसा संचालक पर कार्रवाई से आक्रोशित लोगों ने पुलिस अधीक्षक कार्यालय का घेराव किया। वे पुलिस पर पक्षपातपूर्ण कार्रवाई का आरोप लगा रहे थे। मदरसा संचालक को उठा लाने से हर कोई हत प्रभ है।
नगर कोतवाली के आजाद नगर निवासी मौलाना मतीन मदसरे व स्कूल का संचालन करते हैं। स्कूल के बगल ही मकान भी बनवा रखा है। उनके भाई अब्दुल अलीम का आरोप है कि बुधवार की रात स्वॉट टीम व कोतवाली पुलिस ने उनके घर पर दबिश दी। उस समय लोग गहरी नींद में सो रहे थे। पुलिस ने मौलाना मतीन, उनके बेटे फैजान, जैद के अलावा सैफुलर्रहमान को पकड़ लिया। जबकि सभी के ऊपर कोई भी आपराधिक मुकदमा दर्ज नहीं है। भोर में महिला पुलिस के साथ पुलिसकर्मी बड़ी संख्या में फिर भुलियापुर स्थित घर पहुंचे। वहां कोई नहीं मिला तो तोड़फोड़ करने के बाद फायर करने लगे। इस मामले की जानकारी होने पर बड़ी संख्या में गुुरुवार की सुबह लोग पुलिस अधीक्षक कार्यालय पहुंच गए। वे पुलिसिया कार्रवाई पर नाराजगी जताते हुए पुलिस अधीक्षक से मिले और पूरा प्रकरण बताया। लोगों का कहना है कि किसी के ऊपर कोई भी आपराधिक मुकदमा दर्ज नहीं है। ऐसे में पुलिस उन लोगों को किसी भी फर्जी मुकदमों में फंसा सकती है।
माइनारटीज वेलफेयर सोसाइटी ने मौलाना मतीन पर पुलिसिया कार्रवाई की निंदा की है। नगर अध्यक्ष इसरार अहमद, जफरुल हसन, नसीम, अब्दुल जब्बार, मुहिब्बुल आरफीन, इमाम अली, गुलहसन, लियाकम समेत अन्य लोगों ने चेताया कि यदि निर्दोष लोगों पर कोई फर्जी कार्रवाई की गई तो वे लोग आंदोलन को बाध्य होंगे। दलित मुसलिम अधिकार मंच के प्रदेश अध्यक्ष शम्स तबरेज ने कहा कि शासन के इशारे पर पुलिसिया तांडव किया जा रहा है। जिस तरह पुलिस ने मौलाना मतीन व छात्रों को अपराधियों की तरह घर से सोते समय उठा लाई। वह निंदनीय है। फरीद, मुख्तार अहमद, गुलहसन, शोएब, राम सजीवन समेत अय लोगों ने कहा कि यदि जबरन उत्पीड़न बंद न हुआ तो वे लोग सड़क पर उतरने को बाध्य होंगे।
मदरसा व स्कूल संचालक मौलाना मतीन का पैतृक घर भुलियापुर में है। परिवार के अधिकांश सदस्य वहीं रहते हैं। पहले आजाद नगर में पुलिस ने दबिश दी , बाद में भुलियापुर में संदिग्धों की तलाश करने पहुंचीं। परिवार के लोगों का आरोप है कि पुलिस ने घर के सामान क्षतिग्रस्त कर दिया। रोकने पर लोगों ने अभद्रता किया। पुलिसिया कार्रवाई से परिवार के लोग खौफजदा हैं।