प्रतापगढ़। एडीजे पवन कुमार श्रीवास्तव ने मानधाता इलाके के धर्मपुर निवासी राधेश्याम पटेल पर हत्या का आरोप साबित होने पर आजीवन कारावास और दस हजार रुपये जुर्माने की सजा सुनाई है। हत्या में नामजद पांच अन्य आरोपियों को दोषमुक्त कर दिया गया है।
घटनाक्रम के अनुसार मानधाता थाने में 23 अप्रैल 2010 को परमा देवी ने मुकदमा दर्ज कराया था कि 28 वर्षीय उसका बेटा हरिश्चंद्र पुत्र राजाराम शाम आठ बजे पंपिंगसेट पर पाइप बिछाने गया था। गांव के सुरेंद्र बहादुर, संतलाल, राजाराम, राज बहादुर, गुलाब चंद्र और घनश्याम ने उसके लड़के को गड़ासे से काटकर मार डाला। इस घटना को शौच करने गई वादिनी की देवरानी लालती देवी ने अपनी आंखों से देखा था। देवरानी के शोर मचाने पर खून से सनी लाश नाली छोड़कर आरोपी भाग निकले थे। राज्य की ओर से पैरवी करते हुए अनिल मिश्र ने आरोपियों को कड़ी सजा देने की मांग की थी। कोर्ट ने सुरेंद्र बहादुर, संतलाल, राजाराम, राज बहादुर, गुलाब चंद्र पर आरोप सिद्ध नहीं होने पर दोषमुक्त कर दिया।