बिहार। बाघराय इलाके के देवरपट्टी गांव में बुधवार को एक युवती ने आग लगाकर जान दे दी। घटना से घर में कोहराम मच गया। सूचना पर पहुंची पुलिस ने कमरे की खिड़की तोड़कर शव बाहर निकाला। पंचनामा कर शव पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया। परिजन युवती को मनोरोगी बता रहे हैं। बाघराय थाना क्षेत्र के देवरपट्टी गांव निवासी शिक्षक अर्जुन सिंह के परिजन बुधवार सुबह घर के बाहर काम में व्यस्त थे। सुबह करीब साढ़े ग्यारह बजे अर्जुन सिंह की बेटी अंतिमा (18) ने घर के दोनों दरवाजों को अंदर से बंद करने के बाद अपने शरीर पर मिट्टी का तेल छिड़ककर आग लगा ली।
घर से धुआं निकलना शुरू हुआ तो परिजन अंदर की तरफ भागे। दरवाजा खटखटाया तो अंदर से बंद था। इस पर लोगों ने बाहर से पानी फेंकना शुरू किया, लेकिन आग बुझ नहीं सकी। इस पर पुलिस को सूचना दी गई। मौके पर पहुंची पुलिस ने खिडकी तोड़वाकर शव को बाहर निकलवाया और पंचनामा करवाकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया। युवती के पिता अर्जुन सिंह का कहना है कि लगभग तीन वर्ष से अंतिमा की दवा चल रही थी। उसे मानसिक उलझन रहती थी। घटना के बाद से पिता अर्जुन सिंह, मां किरन, भाई सुभाष व बड़ी बहन प्रतिमा का रो-रो कर बुरा हाल है।