मानिकपुर थाने पर हमले के चौथे आरोपी को एसटीएफ ने गिरफ्तार कर लिया है। पुलिस के अनुसार उसने पूछताछ में अपना अपराध भी स्वीकार किया है। उस पर विभिन्न थानों में लूट, हत्या के नौ मुकदमे दर्ज हैं। मानिकपुर थाने पर 24 फरवरी को दो बाइक से आए छह बदमाशों ने हमला कर दिया था। इसमें एसओ प्रमेंद्र सिंह ने तीन नामजद व तीन अज्ञात के खिलाफ मुकदमा दर्ज कराया था। घटना कुछ घंटे बाद ही दो लोगों को पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया था। इसके बाद घटना में शामिल रहे सभी आरोपियोें के नाम खुल गए थे। दो दिन बाद पुलिस ने एक और आरोपी जुबैर को गिरफ्तार किया था। इसके बाद बचे तीनों आरोपियों को गिरफ्तार करने के लिए 14 टीमों के साथ ही एसटीएफ, क्राइमब्रांच भी लगी थी। रविवार को एसटीएफ इंचार्ज अतुल सिंह टीम के साथ मानिकपुर थाने में सूचना संकलन के लिए आए थे। इस दौरान मुखबिर से सूचना मिली कि थाने पर हमले का एक आरोपी प्रदीप तिवारी उर्फ रोहित निवासी गोपालपुर झाऊ का पुरवा संग्रामगढ़, देशराज के इनारा के पास आने वाला है।
इस पर एसटीएफ ने स्थानीय पुलिस के साथ घेराबंदी की। दोपहर में डेढ़ बजे प्रदीप बाइक से आता दिखा। पुलिस ने उसे रोकने का प्रयास किया तो वह फायर करते हुए भागने लगा। इस पर एसटीएफ और स्थानीय पुलिस ने उसे दौड़ाकर दबोच लिया। इस दौरान उसके पास से पिस्टल और बाइक के साथ कुछ कारतूस बरामद हुए। पूछताछ में उसने गैंग का सरगना बालकृष्ण उर्फ बाले को बताया। इसके साथ ही लवाना में सर्राफ के साथ लूट और हत्या में शामिल होने की बात बताई। बताया कि थाने पर हमले के दौरान उसने और विपिन, बाले ने पिस्टल से फायर किए थे। जुबैर ने थाने पर बम फेंका था। उसने बताया कि साथ रहने वाले लड़कों को उनकी काबिलियत के अनुसार काम दिया जाता था। एसटीएफ उसे अपने साथ इलाहाबाद ले गई। पुलिस के अनुसार विभिन्न थानों में उस पर लूट हत्या के नौ मुकदमे दर्ज हैं।