बैंक लूट के आरोपी को रिमांड पर लेकर सुलतानपुर पुलिस कोहड़ौर पहुंची। यहां लूट के आरोपी अभिषेक को जबरन रुपये की थैली पकड़ाने और पिटाई करने पर भड़कीं महिलाएं सुलतानपुर पुलिस से भिड़ गईं। पुलिस और महिलाओं के बीच हाथापाई तक हुई। ग्रामीणों के आक्रोश को देखते हुए सुलतानपुर पुलिस वहां से भाग निकली। आक्रोशित ग्रामीणों ने जिलाधिकारी को शिकायती पत्र देकर पुलिसकर्मियों ंपर फर्जी बरामदगी का आरोप लगाया है।
सुलतानपुर जनपद के लंभुआ में हुई बैंक डकैती में शामिल अभिषेक सरोज पुत्र नेपाल सरोज निवासी कोहड़ौर को सोमवार को लंभुआ थाने की पुलिस रिमांड पर ले गई। पूछताछ के बाद मंगलवार को अभिषेक को पुलिस अभिरक्षा में लेकर उसके घर पहुंची। प्रत्यक्षदर्शियों की मानें तो अभिषेक सरोज को लेकर पुलिस उसके घर के पीछे गलियारे में गई। आरोप है कि पुलिसकर्मी अभिषेक को रुपये की थैली पकड़ाने लगे। जिसे लेने से अभिषेक ने मना कर दिया। यह देख पुलिसकर्मियों ने उसे पीट दिया। पुलिस की पिटाई के चलते अभिषेक चिल्लाने लगा। शोरशराबा सुनकर गांव के लोग दौड़ पड़े।
पुलिसकर्मियों की हरकत व जबरन गलियारे में गडढ्े से रुपये से भरी थैली की बरामदगी दिखाने की बात सुनते ही महिलाएं पुलिस से भिड़ गईं। पुलिस व महिलाओं से हाथापाई भी हुई। पुलिस लोगों के आक्रोश को देखते हुए वहां से भाग निकली। इससे आक्रोशित सैकड़ों महिलाएं व ग्रामीण थाने पर शिकायत लेकर पहुंचे। इसके बाद जिलाधिकारी प्रतापगढ़ व सुलतानपुर को शिकायती पत्र भेजकर प्रतापगढ़ व सुलतानपुर पुलिस पर अभिषेक को फर्जी लुटेरा घोषित करने का आरोप लगाया। कोहड़ौर पुलिस के पहुंचने से पहले ही सुलतानपुर पुलिस अभिषेक को लेकर लौट गई।
ग्रामीणों ने लगाया पुलिस पर ज्यादती का आरोप
कोहड़ौर निवासी अभिषेक सरोज के परिजन मंगलवार को खुलकर पुलिस पर आरोप लगाने लगे। अभिषेक की मां शांति देवी, विशाल सरोज, अमृता, प्रदीप कुमार, सुशीला देवी, रामा देवी, शीतला प्रसाद समेत अन्य लोगों का कहना है कि सुलतानपुर और जिले की पुलिस जबरन उसे अपराधी बनाने पर तुली है। उसे जबरन जरायम की दुनिया में धकेला जा रहा है।