फतनपुर थाना क्षेत्र के भींट गांव में लकड़ी के बंटवारे को लेकर हुए जेठानी और देवरानी ने आग लगाकर जान देने की कोशिश की। दोनों की हालत गंभीर देख डॉक्टरों ने इलाहाबाद रेफर कर दिया। आरोप है कि पुलिस के धमकाने पर एक महिला ने आग लगाई है। गुरुवार रात होलिका लगाने वाले लोग अरुण कुमार का पेड़ काटने लगे। आवाज सुनकर वह मौके पर पहुंचे तो लोग भाग निकले। वह लकड़ियों को अपने घर उठा ले गए। शुक्रवार की सुबह बडे़ भाई ओमकारनाथ लकड़ी को लेकर बंटवारे की बात करने लगे। इसी बीच महिलाओं के बीच कहासुनी होने लगी। इससे क्षुब्ध होकर विभा (35) पत्नी अरुण कुमार ने घर के भीतर जाकर अपने ऊपर मिट्टी का तेल डालकर आग लगा ली।
घर के भीतर से धुआं निकलता देख लोग दौड़े और दरवाजे को तोड़कर जलती हुई विभा को बाहर निकालकर आग बुझाई। इलाज केे लिए गौरा सीएचसी ले गए। डाक्टरों ने प्राथमिक इलाज के बाद उसे इलाहाबाद रेफर कर दिया। आरोप है कि शुक्रवार की शाम शिकायत पर पहुंची पुलिस ने विभा की जेठानी नीतू (40) पत्नी ओमकारनाथ को अपशब्दों से नवाजा। इससे क्षुब्ध होकर नीतू ने भी कमरे क ो बंद कर अपने को आग के हवाले कर लिया। गंभीर रूप से झुलसी महिला को गौरा सीएचसी ले जाया गया। डॉक्टराें ने प्राथमिक उपचार कर जिला अस्पताल रेफर कर दिया। वहां से उसे भी डाक्टरों ने इलाहाबाद के लिए रेफर कर दिया। इस बाबत एसओ केडी सिंह का कहना है कि विवाद शांत कराने पुलिस गई थी। आरोप सरासर गलत है।