नगर कोतवाली के महुआर गांव में जमीन के विवाद को लेकर जेल चौकी प्रभारी और सपाइयों में देर रात टकराव हो गया। कोतवाल के पहुंचने पर किसी तरह मामला शांत हो सका।
जेल चौकी प्रभारी दिनेश शुक्ला बुधवार की रात करीब आठ बजे महुआर निवासी आशा देवी की शिकायत पर जांच करने गए थे। गांव के जयराम से उसका विवाद चल रहा है। आरोप है कि पुलिस सपा कार्यकर्ता राजाराम के परिवार के लोगों को बुरा भला कहने लगी। जब वह सपा जिला महासचिव इरशाद सिद्दीकी से मोबाइल पर बात कराने लगा तो दरोगा बिफर पड़ा। उसने सपा नेता को भी अपशब्द कहना शुरू कर दिया। मोबाइल पर बात करने से इनकार कर दिया। कार्यकर्ता के उत्पीड़न की खबर सुनने के बाद सपा नेता मौके पर पहुंचे। वहां से दरोगा सिपाहियों के साथ निकल चुका था। जेल तिराहे पर जेल चौकी प्रभारी सपा कार्यकर्ताओं को मिल गए।
मोबाइल फोन न उठाने व कार्यकर्ता के परिजनों के साथ गाली गलौच करने व प्रदेश के मुख्यमंत्री को अपशब्द कहने का आरोप लगाते हुए सपाई दरोगा से भिड़ गए। यह देख सिपाही ने कंट्रोल रूम फोन कर अधिकारियों को अवगत कराया। हंगामे की खबर सुनते ही शहर कोतवाल हरिपाल सिंह यादव, एक्शन मोबाइल मौके पर पहुंची। हालांकि तब तक मामला शांत हो चुका था। कोतवाल ने सभी की बात सुनने के बाद मामला शांत कराया। खुद विवाद का निपटारा कराने की बात कही। जेल चौकी प्रभारी दिनेश शुक्ला का कहना है कि सपा नेता के साथ मौजूद कुछ लोगों ने अभद्रता की है। उन्होंने मुख्यमंत्री या किसी नेता को गाली नहीं दी है। आरोप सरासर गलत है। बतादें कि मंगलवार की रात को भी जेल तिराहे पर नशे में धुत युवक ने बवाल काटा था।