बेड़ी में फंसकर एक अधेड़ बेहोश हो गया। देर रात तक परिजन उसे ढूंढने निकले तो वह खेतों में बेहोश हालत में इसके बाद उसे बेड़ी काटकर निकाला गया और उसे अस्पताल में दिखाया गया। इसकी सूचना थाने में भी दी गई है।
हथिगवां थाना क्षेत्र के बहादुरपुर गांव निवासी रफीक पुत्र इश्हाक (23) की शाम मतदान करने के बाद अपने घर जा रहा था। इस दौरान उसने खेत देखने की मंशा के चलते खेतों की तरफ चला गया। वहां किसी जानवर को पकड़ने के लिए बेड़ी लगाई गई थी। अनजाने में उसका पैर उस पर पड़ गया। इसके चलते उसका पैर उसमें फंस गया। आसपास किसी के न होने के कारण वह किसी को बुला भी नहीं पाया।
उसने छूटने का प्रयास किया लेकिन सफल नहीं हो पाया। काफी देर प्रयास के बाद वह बेहोश हो गया। उधर परिजन देर रात तक घर न पहुंचने पर उसकी खोज के लिए निकले। रात में वह उन्हें खेत के पास बेहोशी की हालत में फंसा मिला। इस पर बेड़ी की जंजीर को किसी तरह से काटा गया। इसके बाद उसे निकालकर अस्पताल में भर्ती कराया गया। इसकी शिकायत थाने में तहरीर देकर की गई है। गांव के लोगों का कहना है कि बेड़ी इस तरह से फैलाने का मतलब है कि क्षेत्र में जानवरों का शिकार किया जा रहा है।
जमीन के विवाद में महिला को उसके घर में घुसकर पीट दिया गया। घर में तोड़फोड़ करने के साथ ही उसके 50 हजार रुपये भी उठा ले गए। उसने थाने में तहरीर दी है।
कोतवाली क्षेत्र के बसहीपुर अचकवापुर गांव निवासी गुड्डी देवी पत्नी विंदेश्वरी का जमीन को लेकर पड़ोसियों से विवाद चल रहा था। शनिवार को पड़ोसियों ने जमीन के विवाद को लेकर दौड़ा लिया। वह घर में भागी लेकिन उसकी घर में घुसकर पिटाई की गई। इसके साथ ही घर के सामान तोड़ दिए गए। यही नहीं आरोप है कि उसके घर में रखे 50 हजार रुपये भी उठा ले गए। उसने कोतवाली में तहरीर देकर कार्रवाई की मांग की है।