स्थानीय थाना क्षेत्र के शुकुलपुर में तेज प्रताप सिंह (22) ने रविवार की दोपहर खुद को कमरे में बंद कर गोली से उड़ा लिया। फायर की आवाज सुनकर आसपास के लोग पहुंचे और अस्पताल लेकर भागे लेकिन रास्ते में ही उसकी सांसें थम गईं। हालांकि पुलिस उसे मानसिक रोगी बता रही है। तेज प्रताप सिंह के पिता रामकरन सिंह होमगार्ड विभाग में नौकरी करते हैं। बेटा तेज प्रताप ट्रक चलाता था। कई दिनों से वह घर पर ही रुका था। परिजनों की मानें तो उसकी मानसिक हालत ठीक नहीं थी। रविवार की सुबह किसी बात को लेकर पत्नी नंदिनी से उसका विवाद हो गया। इससे नाराज होकर वह घर से बाहर चला गया। दोपहर में लौटा तो सीधे अपने कमरे में घुस गया।
इससे अंजान परिजन काम में व्यस्त थे। इसी बीच तेज प्रताप के कमरे से फायर की आवाज सुनकर परिजन सहम गए और कमरे की ओर शोर मचाते हुए भागे। कमरे का नजारा देख वे दंग रह गए। प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक तेज प्रताप ने तमंचे से अपनी कनपटी पर सटाकर गोली मार ली थी। खून से लथपथ हालत में परिजन उसे लेकर अस्पताल की ओर भागे लेकिन रास्ते में ही उसकी सांसें थम गईं। सूचना मिलने पर एसओ चंद्रबली यादव, एसआई एसएम कासिम दलबल के साथ मौके पर पहुंचे और तमंचे को अपने कब्जे में ले लिया। परिजनों से जानकारी करने के बाद शव पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया।