आसपुर देवसरा के उदईशाहपुर गांव निवासी बागीश हत्याकांड की गुत्थी सुलझाने का दावा करते हुए पुलिस ने सनसनीखेज खुलासा किया है। पुलिस के मुताबिक बागीश को उसकी शिक्षिका प्रेमिका ने अपने मंगेतर और प्रेमी के साथ मिलकर मौत के घाट उतारा था। तीनों ने मिलकर उसे मौत के घाट उतारा और फिर शव नाले में फेंककर फरार हो गए। पुलिस ने युवती समेत तीनों आरोपियों को जेल भेज दिया है।
उदईशाहपुर निवासी बागीश तिवारी पुत्र ओंकार तिवारी का शव गांव के ही नाले में 27 सिंतबर को मिला था। वह दो दिन से लापता था। शव देखकर ही लग रहा था कि उसकी हत्या की गई है। इस मामले में परिजनों की तहरीर पर पुलिस ने मुकदमा दर्ज कर जांच शुरू कर दी। पुलिस ने शुक्रवार को घटना का पर्दाफाश करने का दावा करते हुए जो खुलासा किया वह बेहद चौंकाने वाला है।
पुलिस के मुताबिक बागीश प्रेम संबंध के चक्कर में मारा गया। मोती का पूरा गांव निवासी पूजा पुत्री रामआसरे आरके वर्मा इंटर कालेज उदईशाहपुर में शिक्षिका थी। यहां उसका सुभाष पाल निवासी पहलमापुर से प्रेम चल रहा था। कुछ दिनों बाद वह प्रेम पंकज निवासी कबीरपुर के संपर्क में आ गई। दोनों देखते ही देखते काफी करीब आ गए। प्रेम के साथ पूजा की शादी भी तय हो गई। 2017 में दोनों का विवाह होना था। पूजा जिस विद्यालय में पढ़ाती थी उसके बगल ही बागीश के पिता की चाय की दुकान थी। जिसके कारण अक्सर दुकान पर बागीश का आना-जाना लगा रहता था।
दुकान पर आते-जाते बागीश की नजरें पूजा से लड़ गईं और दोनों के बीच प्रेम शुरू हो गया। दोनों फोन पर लंबी बातें करने लगे। इसकी जानकारी जब पूजा के मंगेतर और पहले प्रेमी को हुई तो दोनों चिढ़ गए। दोनों ने मिलकर बागीश को रास्ते से हटाने की योजना बनाई। इसके लिए उन्होंने पूजा को भी तैयार कर लिया। 25 सितंबर को बागीश के जन्मदिन पूजा ने उसे गिफ्ट देने के लिए तंबूरा नाले पर बुलाया।
बागीश के वहां पहुंचते ही पहले से बाजरे के खेत में छिपे सुभाष पाल व पंकज ने उसे दौड़ाकर दबोच लिया और राड से सिर पर हमला कर नाले में गिरा दिया। इसके बाद दोनों ने गमछे से गला दबाकर उसकी हत्या कर दी। वारदात को अंजाम देने के बाद दोनों पूजा के साथ वहां से भाग निकले। पुलिस ने तीनों आरोपियों को जेल भेज
दिया है।