गैंगरेप की शिकार हुई विवाहिता जब अपनी शिकायत दर्ज कराने थाने पहुंची तो वहां मौजूद दरोगा ने भी उसके साथ छेड़छाड़ की। पीड़िता के साथ यह सलूक तब, जबकि वह मंगलवार को कप्तान के आदेश पर अपनी शिकायत दर्ज कराने थाने पहुंची थी। इस घटना के बाद बलात्कार जैसे संगीन और घिनौने अपराध के प्रति पुलिस कितनी संवेदनशील है यह बताने की जरूरत नहीं। मामला कौहंडौर थाने का है। बुधवार को पीड़िता फिर पुलिस अधीक्षक से मिली। एसपी के आदेश पर महिला पुलिस के साथ पीड़िता को कार्रवाई के लिए वापस थाने भेजा गया।
कोहंडौर इलाके की एक विवाहिता का आरोप है कि सोमवार 30 मार्च की रात वह अपनी सास के साथ मदाफरपुर बाजार से घर जा रही थी। रास्ते में उसकी सास उसे सड़क पर छोड़कर शौच के लिए खेत की ओर चली गई। तभी तीन लोगों ने उसका मुंह दबा लिया और घसीटकर सड़क के पश्चिम दिशा की ओर ले गए। वहां चाकू के बल पर धमकाकर तीनों ने उसके साथ दुष्कर्म किया। उनके चंगुल से छूटने के बाद वह भागकर सड़क पर पहुंची तो उसकी सास मिल गई। उससे आपबीती बताई। आरोपियों की धमकी के चलते रात में घटना की जानकारी पुलिस को नहीं दी। चूंकि आरोपी थाने के इर्द-गिर्द मंडरा रहे थे इसलिए वे मंगलवार को पुलिस अधीक्षक के पास शिकायत लेकर पहुंचीं। एसपी ने उसकी बात सुनने के बाद सीओ सिटी के पास भेज दिया।
एसपी व सीओ के आदेश पर वह अपनी सास के साथ शाम को थाने पहुंची। वहां थाने के दरोगा ने कमरे में अलग से बयान लेने के लिए बुलाया। आरोप है कि पूछताछ के दौरान दरोगा ने उसके साथ छेड़छाड़ के साथ ही अश्लील बातें की। विरोध करने पर दरोगा ने डांटकर भगा दिया। पीड़िता बुधवार को फिर एसपी के पास पहुंची। उसकी बात सुनने के बाद एसपी ने उसे सीओ सिटी के पास भेजा। वहां से उसे महिला आरक्षी के साथ कार्रवाई के लिए थाने पर फिर भेजा गया। इस बाबत रात में थाने का कार्यभार ग्रहण करने वाले एसओ राजकिशोर ने बताया कि उन्हें घटना की जानकारी नहीं है। वह अभी इलाहाबाद से ड्यूटी में आए हैं। मामला जो भी हो जांच कर कार्रवाई की जाएगी।
अफसर ने बदले सुर