जनपद में तैनात एक सिपाही ने पुलिस की वर्दी को कलंकित कर दिया। प्रेमजाल के बहाने फंसाई गई किशोरी को शादी का झांसा देकर अपने दो सिपाही साथियों के साथ दस दिन पहले आबरू लूट ली। विरोध करने दरिंदे बने सिपाहियों ने मारापीटा भी। शिकायत लेकर कोतवाली पहुंची लेकिन पुलिस ने उसे भगा दिया। बुधवार को अधिकारियों से शिकायत करने पीड़िता पहुंची तो महकमे में हड़कंप मच गया।
पुलिस अधीक्षक कार्यालय में तैनात एक आरक्षी चार वर्ष पहले सुल्तानपुर जनपद के रामगंज पुलिस चौकी में तैनात था। वहां तैनाती के दौरान उसकी ड्यूटी त्रिसुड़ी इलाके में स्थित एक बैंक पर सुरक्षा के लिए लगती थी। तीन वर्ष पूर्व ड्यूटी के दौरान ही उसने एक किशोरी को अपने प्रेम जाल में फंसा लिया। शादी का झांसा देकर सिपाही उसके साथ शारीरिक संबंध भी बना लिया। दो वर्ष पहले आरक्षी का तबादला वाराणसी और फिर इलाहाबाद हो गया। इसके बाद भी वह किशोरी से मिलने के लिए रात के अंधेरे में आता रहा। हमेशा मोबाइल पर दोनों से बातचीत भी होती रहती थी। करीब आठ माह ही आरक्षी ने अपना तबादला प्रतापगढ़ में करा लिया।
आरोप है कि दस दिन पहले सिपाही उसे झांसा देकर रात करीब दस बजे शहर लाया। यहां किसी कमरे में ले गया। इसके बाद उसके साथ शारीरिक संबंध बनाए। कुछ देर में उसके दो साथी पहुंचे और किशोरी की अस्मत लूटने की कोशिश करने लगे। उसने विरोध किया तो उसे मारापीटा और जान से मारने की धमकी दी। वह गिड़गिड़ाती रही लेकिन आरक्षी के दोनों सिपाही साथी ने उसके साथ जबरन मुंह काला किया। भोर में आरक्षी उसे चार पहिया वाहन से घर ले जाकर छोड़ आया। धोखा देने वाले सिपाही की करतूत से वह व्यथित थी। पांच दिन पहले वह घटना की शिकायत करने कोतवाली पहुंची लेकिन पुलिस ने उसे भगा दिया। बुधवार को वह पुलिस अधीक्षक से शिकायत करने एसपी कार्यालय पहुंची लेकिन एसपी व एएसपी समेत दूसरे अधिकारी कार्यालय से जा चुके थे। सिपाही के करतूत की खबर मिलने पर पुलिस महकमे में हड़कंप मच गया।