कोतवाली पट्टी के पहाड़ामुरार पट्टी गांव के युवक से इंडो-तिब्बत सीमा पुलिस में भर्ती के नाम पर छाछठ हजार की ठगी करने का मामला सामने आया है। उसने शक होने पर जब इंडो-तिब्बत सीमा पुलिस के इलाहाबाद कार्यालय में जाकर पता किया तो मालूम हुआ कि उसका नियुक्ति पत्र फर्जी था। इलाके में कई लोगों को इस तरह के पत्र जारी कर ठगी की जा रही है।
क्षेत्र के पहड़ामुरार पट्टी गांव निवासी अजय कुमार विश्वकर्मा ने विज्ञापन देेख कर आवेदन किया था। इस आवेदन के बाद उसे सीधे नियुक्ति पत्र आ गया। इस नियुक्ति पत्र पर उसे बीस हजार तीन सौ रुपये जमा करने को कहा गया। फिर उससे ट्रेनिंग के दौरान आने के लिए 26 हजार और फिर उसे कहीं अन्य प्रांत में भेजने के नाम पर बीस हजार और खाते में मंगा लिए गए। लगातार पैसे की मांग करने से अजय को शक हो गया तो वह सीधे इलाहाबाद स्थित इंडो-तिब्बत सीमा पुलिस के कार्यालय पहुंच गया और नियुक्ति पत्र देकर जानकारी चाही।
उसे बताया गया कि किसी प्रकार की वैकेंसी नहीं है और यह सब फर्जी है। जिस पर वह निराश होकर लौट आया। इसी तरह के नियुक्ति पत्र सूरज सरोज निवासी बहुता, रामकेवल यादव निवासी वनपुरवा समेत तमाम लोगों को भेजा जा चुका है। युवाओं में फैली बेरोजगारी का ठग फायदा उठाकर लोगों को आसानी से ठग रहे हैं। पीड़ित ने कोतवाली पुलिस को घटना की तहरीर दी है।