बेल्हा में सरकार के नुमाइंदे ही प्रधानमंत्री रोजगार योजना की किरकिरी करा रहे हैं। बेरोजगारों को लोन देने के लिए मोटी वसूली की जा रही है। प्रधानमंत्री रोजगार योजना के तहत खादी ग्रामोद्योग विभाग से लोन के लिए आवेदन करने के बाद बैंक मैनेजर ने लोन स्वीकृत करने के लिए एक युवक से 75 हजार रुपये ले लिए।
लोन स्वीकृत करने के बाद वह खाते में रुपये ट्रांसफर करने के लिए 75 हजार रुपये और मांगने लगा। शिकायत पर पुलिस ने बैंक मैनेजर समेत तीन लोगों के खिलाफ केस दर्ज किया है।
रानीगंज थाना क्षेत्र के पचरास निवासी लक्ष्मीशंकर सोनी ने उद्योग लगाने के लिए खादी ग्रामोद्योग में आवेदन किया था। इंटरव्यू के बाद उसकी फाइल ऋण के लिए स्वीकृत कर रानीगंज की बैंक आफ बड़ौदा शाखा भेज दी गई। आरोप है कि पहले ऋण स्वीकृत करने के लिए शाखा मैनेजर बीके मेहता व उसके सहयोगी मैनेजर प्रदीप व दीपक ने 75 हजार रुपये की मांग की। लक्ष्मीशंकर ने 19 नवंबर को 75 हजार रुपये दे भी दिए।
ऋण स्वीकृत करने के बाद फिर मैनेजर व सहयोगी खाते में रुपये ट्रांसफर करने के लिए उससे 75 हजार रुपये की मांग करने लगे। उसने रुपये मैनेजर को पृथ्वीगंज नगर कोतवाली स्थित आवास पर दिया था।
रुपये न देने पर उसकी फाइल निरस्त करने की धमकी दे रहे थे। परेशान लक्ष्मीशंकर ने अधिकारियों से शिकायत करते हुए साक्ष्य आडियो क्लिप सुनाई। अधिकारियों के आदेश पर कोतवाली पुलिस ने गुरुवार को बैंक मैनेजर बीके मेहता, सहायक मैनेजर प्रदीप व दीपक के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर लिया। नगर कोतवाल ने बताया कि मामले की छानबीन की जा रही है।