महेशगंज इलाके में रविवार रात जमीन के विवाद को लेकर दो वर्गों में मारपीट, तोडफ़ोड़ और आगजनी हुई। दोनों तरफ से जमकर ईंट-पत्थर चले। सूचना पर एएसपी चार थानों की फोर्स और पीएसी के साथ मौके पर पहुंचे और हालात नियंत्रित किया। सुबह इस मामले में एक पक्ष ने तहरीर दी है। दूसरे ने शराब पीकर बवाल करने की बात कही है।
महेशगंज थाना क्षेत्र के गुजवर सैफू का पुरवा निवासी संदीप सरोज पुत्र बलवंत सरोज गांव में ही स्थित किराने की दुकान पर रविवार की देर शाम सामान लेने गया था। वहीं पर कल्लू पुत्र शहनाज बाइक लेकर खड़ा था। इस दौरान दोनों के बीच कहासुनी हो गई। बात इतनी बढ़ी कि दोनों में मारपीट होने लगी। कमजोर पडने पर संदीप वहां से भाग निकला। घर पहुंचकर उसने परिजनों से सारी बात बताई। इधर लोग पूछताछ करने के लिए तैयारी ही कर रहे थे कि दूसरे पक्ष के लोग भारी संख्या में पहुंचे और गालीगलौज करने लगे।
बात बढने पर मारपीट और पथराव शुरू हो गया। तोडफ़ोड़ की गई। दरवाजे पर खड़े ट्रैक्टर को भी तोडने का प्रयास किया गया। बल्ब फोड़ दिए गए। घर में रखे सामान तोडफ़ोड़ कर बाहर फेंक दिए गए। इस दौरान एक छप्पर में आग लगा दी गई। ग्रामीणों ने डायल 100 सहित एसपी को सूचना दी। इस पर लालगंज, संग्रामगढ़, महेशगंज और कुंडा थानों की फोर्स मौके पर पहुंची। सूचना पर एडिशनल एसपी शिवाजी शुक्ला एक बटालियन पीएसी के साथ पहुंचे और मामला शांत कराया।
इसके साथ ही में लगी आग बुझाई गई। बताया जा रहा है कि विवाद ढाई बीघे जमीन को लेकर हुआ। संदीप की मां निर्मला सरोज के नाम पर 1996 में इस जमीन का पट्टा हुआ था। पूर्व प्रधान अफसार पुत्र मुखतार ने इसे खारिज करवा कर उसे 70 लोगों को एक-एक विस्वा पट्टा दे दिया था। सन् 2015 मे एडीएम ने 70 लोगों के इस पट्टे को खारिज कर दिया। वर्तमान समय में यह मामला हाईकोर्ट में विचाराधीन है। एसओ महेशगंज ने बताया कि अभी तहरीर नहीं मिली है। तहरीर मिलने पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।