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बंद कर दी चिलबिला रेलवे क्राॅसिंग

Sun, 03 Dec 2017 11:07 PM IST
अमर उजाला ब्यूरो प्रतापगढ़
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रेल विभाग ने चिलबिला रेलवे क्रासिंग हमेशा के लिए बंद कर दिया है। दोनों तरफ गहरा गड्ढा खोद दिया है। इससे आवागमन ठप हो गया है। इससे चिलबिला क्रॉसिंग के आसपास के दुकानदार और व्यापारियों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। वहीं चिलबिला पुलिस चौकी के सिपाहियों को अब चौराहे पर पहुंचने के लिए डेढ़ किलो मीटर का चक्कर काटना पड़ेगा।  
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इलाहाबाद फैजाबाद हाइवे पर चिलबिला क्रासिंग पर ओवरब्रिज चालू होने के बाद रेल प्रशासन ने मनमानी तौर पर क्रासिंग को बंद कर दिया है। रेल फाटक को हमेश के लिए बंद करने के साथ ही दोनों तरफ गहरे गड्ढे खोद दिये हैं। अमेठी और अंतू के लोगों को सुलतानपुर या फिर पट्टी, जौनपुर जाना होता है तो वे रेलवे क्रासिंग होकर निकल जाते थे। दरअसल ओवरब्रिज के पास कार को मोड़ने भर का जगह नहीं है। इतना ही नहीं स्थानीय बाइक सवार, पैदल या फिर साइकिल से चलने वाले लोग भी ओवरब्रिज के रास्ते से न जाकर रेलवे क्रासिंग से आते और जाते थे। पट्टी और कोहड़ौर, शिवगढ़, सैफाबाद सहित कई क्षेत्र के कोटेदार सरकारी राशन का उठान करवाने के बाद अपने वाहन को लेकर रेलवे क्रासिंग से गुजरते थे, मगर रेलवे क्रासिंग बंद होने से अब स्थानीय लोगोें के साथ ही जिन अंतू और अमेठी के लोगों को पट्टी, जौनपुर और सुलतानपुर के साथ फैजाबाद जाने के लिए रेलवे क्रासिंग के रास्ते से निकल जाते थे अब उनके सामने परेशानी खड़ी हो गई है। स्थानीय लोग भी रेलवे क्रासिंग के बंद होने से काफी परेशान हैं। बताया जाता है कि रेल पथ निरीक्षक ने डीएम और एसपी को पत्र भेजकर तीन दिनों के लिए रेलवे क्रासिंग बंद रहने की जानकारी दी थी। मगर अब वह हमेशा के लिए क्रासिंग को बंद कर दिये हैं। चिलबिला रेलवे क्रासिंग के गेट मैन ने नाम न प्रकाशित करने की शर्त पर बताया कि रेलवे के जीएम ने डीआरएम और स्टेशन अधीक्षक के साथ डीएम को पत्र भेजकर रेलवे क्रासिंग को हमेशा को बंद करने को आदेश दे दिये हैं। ऐसे में अब रेलवे क्रासिंग फिर खुले यह मुश्किल है। इससे स्थानीय लोगों को परेशानी जरूर हो रही है।
रेलवे क्रासिंग से सटा हुआ अंतू मार्ग पर चिलबिला पुलिस चौकी बनी हुई है। एक दरोगा और चार सिपाहियों की तैनाती है। विपरीत दिशा पट्टी की ओर वन विभाग का दफ्तर, एआरएटीओ कार्यालय, साईदाता की कुटी और चिलबिला चौराहा पड़ता है। ऐसे में इन स्थानों पर किसी प्रकार की घटना घट जाती है तो पुलिस को पहुंचने में वक्त अधिक लगेगा। ओवरब्रिज पर चढ़ना होगा। काफी राउंड के बाद कहीं जाकर वे चिलबिला चौराहे के पास पहुंचेगे। साईदाता की कुटी और बनविभाग लौटने के लिए फिर उन्हें उतना ही चक्कर लगाना होगा। इससे पुलिस को परेशानियों का सामना करना पड़ेगा। जंगल होने के कारण घटना का अंजाम देने वाले आरोपी इस बीच मौका पाकर फरार भी हो जाएगें।
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