प्रतापगढ़। टिकट वापस न होेने से खफा सैकड़ों यात्रियों ने शुक्रवार की देर रात प्रतापगढ़ बुकिंग काउंटर पर जमकर बवाल काटा। टिकट खिड़कियां तोड़ डालीं। कर्मचारियों को गालियां देते हुए मारने के लिए दौड़े। इस पर कार्यालय का दरवाजा अंदर से बंद करके कर्मचारी काउंटर छोड़कर भाग खड़े हुए। सूचना पर ऑन ड्यटी स्टेशन मास्टर ने घटना की जानकारी आरपीएफ और जीआरपी को दी। एसएम की तहरीर पर आरपीएफ ने अज्ञात यात्रियों के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया है।
यशवंतपुर एक्सप्रेस का टिकट शुक्रवार रात नौ बजे बांट दिया गया। ट्रेन संयोग से तीन घंटे लेट हो गई। ट्रेन करीब सवा बारह बजे प्रतापगढ़ स्टेशन पर पहुंची। भीड़ की वजह से काफी यात्री ट्रेन में नहीं चढ़ पाए। ट्रेन छूटने के बाद यात्रियों की भीड़ टिकट वापस कराने के लिए काउंटर पर पहुंच गई। मगर काउंटर कर्मियों ने रेलवे की तीन घंटे बाद वापसी का नियम बताकर टिकट लेने से साफ मना कर दिया। ट्रेन में चढ़ने से वंचित यात्री टिकट वापस न होने से भड़क गए और उन्होंने टिकट खिड़की पर जमकर बवाल किया।
खिड़कियां और शीशे तोड़ दिए। कर्मचारियों से गालीगलौज करते हुए उन्हें मारने के लिए दौड़ा लिया। यात्रियों के बवाल से सहमे कर्मचारी जेपी चौरसिया और घनश्याम ओझा काउंटर छोड़कर भाग खड़े हुए। सूचना मिलने पर पहुंची जीआरपी ने यात्रियों को समझा-बुझाकर शांत कराया। यात्रियों का आरोप था कि ट्रेन लेट थी तो टिकट पहले क्यों बांट दिया गया। जबकि कर्मचारियों का कहना है कि यात्री टिकट के लिए रात आठ बजे से ही खिड़की पर दबाव बनाए हुए थे। उनका बैठना मुश्किल कर दिए थे। इसलिए टिकट बांटना पड़ा।
दरअसल, तीन घंटे बीत जाने के बाद टिकट वापसी का नियम नहीं है। तहरीर मिलने के बाद आरपीएफ मामले की जांच पड़ताल कर रही है। एसएम ने बताया कि जीआरपी ने तहरीर लेने से इनकार कर दिया। कहा कि मामला रेलवे संपत्ति का है, इसलिए आरपीएफ को लिख -पढ़कर दिया जाए। बाद में आरपीएफ को तहरीर दी गई।