रामपुर रेलवे स्टेशन पर सोमवार को दो बच्चे लावारिस हाल में मिले। रामपुर जीआरपी ने इसकी सूचना प्रतापगढ़ जीआरपी एसओ को मंगलवार को दी। पुलिस का कहना है कि उनकी मां सोमवार की रात दोनों को रोता-बिलखता हुआ स्टेशन पर छोड़कर कहीं चली गई। लड़के ने पुलिस को बताया है कि उसका घर प्रतापगढ़ में हैं। सूचना मिलने पर पुलिस सक्रिय हो गई है।
एसओ जीआरपी वीके सिंह ने बताया कि रामपुर रेलवे स्टेशन पर मिले चार साल का निखिल और दो साल की उजाला भाई-बहन हैं। निखिल ने रामपुर जीआरपी को पिता का नाम रामकरन और मां का नाम मीरा बताया है। निखिल ने यह भी बताया है कि दोनो को उसकी मां वहां पर छोड़कर चली गई है। एसओ जीआरपी रामपुर अवधेश ने फोन पर बताया कि निखिल और उजाला सोमवार को लावारिस हालत में स्टेशन पर मिले। दोनों बच्चे मां के साथ रात में प्लेटफार्म पर देखे गए थे। चर्चा है कि उसके बाद मां को एक महिला होमगार्ड के साथ जाते हुए देखा गया।
जाने के बाद मां दोबारा लौटकर अपने बच्चों के पास नहीं आई। ठंड और गलन से दोनों मासूमों का बुरा हाल हो गया है। अवधेेश ने बताया कि जब उन्होंने बच्चों से पूछताछ की तो निखिल केवल अपनी मां, पिता और जिले का नाम ही बता पाया। महिला की तलाश की जा रही है। फिलहाल दोनों बच्चों को चाइल्ड लाइन को दे दिया गया है। एसओ प्रतापगढ़ वीके सिंह ने बताया कि उन्होंने अपने स्तर से बच्चों का पता लगवाने का प्रयास किया है। फिलहाल थाने में भी इस तरह का कोई मामला अभी तक नहीं आया है। जांच की जा रही है। महिला कौन है, प्रतापगढ़ में कहां की रहने वाली है। वह वहां कैसे पहुंची, बच्चों को लावारिस क्यों छोड़ा, इसको लेकर जीआरपी थाने पर चर्चाओं का बाजार गरम रहा।