ट्रेन से जीआरपी सिपाही की इंसास राइफल चुराने वाला युवक रविवार को पुलिस के हत्थे चढ़ गया। पूछताछ के बाद भी वह गायब कारतूसों के बारे में जानकारी नहीं दे सका। उसके पकड़े जाने की खबर मिलने पर जीआरपी वाराणसी के लोग भी यहां पूछताछ के लिए आ रहे हैं। उधर, उसकी गिरफ्तारी के बाद कई दिनों से परेशान पुलिस ने राहत की सांस ली है।
वाराणसी जीआरपी का सिपाही राजेंद्र प्रसाद 29 जून को वीएल ट्रेन जंघई से लेकर वाराणसी जा रहा था। रास्ते में उसे नीद आ गई। पलक झपकते ही उसकी इंसास राइफल गायब हो गई। जो एक जुलाई को कोहंडौर थाना क्षेत्र के पूरे कोलाहल निवासी रामपूजन मिश्र के पास से मिली थी।
जंघई से जीआरपी के दरोगा पहुंचे और छानबीन की थी। पुलिस कई दिनों से रामपूजन की तलाश में उसकी रिश्तेदारियों में दबिश दे रही थी। रविवार भोर में पुलिस ने पड़ोसी गांव से रामपूजन को दबोच लिया। पुलिस ने उसे कर्रा किया तो उसने अपना जुर्म कबूल करते हुए बताया कि सिपाही शौचालय के पास सो रहा था। वह मौका देख राइफल चुरा लिया और उसे लेकर ट्रेन से नीचे उतर गया। इसके बाद दूसरी ट्रेन पकड़कर प्रयाग चला आया। वहां से अपने गांव चला आया। पूछताछ में उसने गायब 13 कारतूसों की बाबत अनभिज्ञता जताई। एसओ श्रवण कुमार ने बताया कि उसके पकड़े जाने की खबर जीआरपी वाराणसी को दे दी गई है। वहां से भी पुलिसकर्मी पूछताछ करने के लिए आ रहे हैं।