शासन की मनाही के बाद भी जनपद मेें अवैध खनन का कारोबार नहीं रुक रहा है। अभी तक ईंट भट्ठे वाले अवैध खनन करा रहे थे लेकिन अब तो हद हो गई है। शहर से लेकर ग्रामीण इलाके में पुलिस की मिलीभगत से हर दिन सैकड़ों ट्रैक्टर मिट्टी की खुदाई हो रही है। इसकी खपत नए भवनों के साथ ही इंटरलाकिंग में की जा रही है।
जिले में अवैध खनन का कारोबार अधिकारियों व पुलिसकर्मियों की नाक के नीचे खुलेआम हो रहा है। कहीं जेसीबी से खेत की मिट्टी खोदकर बेची जा रही है तो कहीं ट्रैक्टर व मजदूरों के जरिए खेत की मिट्टी बिक रही है। शासन ने अवैध खनन पर रोक लगाई है। जरूरत पड़ने पर खेत से महज चंद ट्राली ही मिट्टी खुदाई कर सकते हैं। इसके लिए भी खनन विभाग से मंजूरी लेना जरूरी होता है। शासन व अधिकारियों के आदेश को धता बताकर जेसीबी व ट्रैक्टर से हर दिन सैकड़ों ट्राली और डंफर मिट्टी खुद रही है। शहर के अचलपुर जेल रोड रेलवे क्रासिंग, नया माल गोदाम रोड रेलवे क्रासिंग, मीराभवन होते हुए पूरे ईश्वरनाथ, सगरा, दहिलामऊ, चमरौरा के करीब जोर-शोर से मिट्टी की खुदाई कर लोग अपनी जेब भर रहे हैं। लोगों की मानें तो पुलिस की मिलीभगत से यह धंधा चल रहा है।
इस अवैध कार्य के लिए इलाकाई पुलिस की जेब भी गर्म की जाती है। मिट्टी का प्रयोग नवनिर्मित भवनों के साथ ही शहर व ग्रामीण अंचलों में हो रहे इंटरलाकिंग में हो रहा है। चूंकि सई नदी के किनारे बलुई मिट्टी होती है। जिसका प्रयोग भवन और इंटरलाकिंग के कार्य में आसानी से हो जाता है। शहर में एक ट्रैक्टर मिट्टी गिराने के लिए पांच सौ रुपये वसूले जाते हैं। कांग्रेसी नेता कपिल द्विवेदी की जमीन की मिट्टी भी चोरी से अवैध खनन में लिप्त लोग खोद ले गए। जानकारी होने पर उन्होंने अधिकारियों से शिकायत की। इससे हड़कंप मचा था। एसडीएम सदर जेपी मिश्रा ने कार्रवाई करते हुए ट्रैक्टरों को बंद भी किया, लेकिन अब फिर से हर दिन दो दर्जन से अधिक ट्रैक्टर अवैध खनन के कार्य में शहर से लेकर ग्रामीण अंचलों का चक्कर लगा रहे हैं।