जिला अस्पताल की इमरजेंसी में शुक्रवार की रात मरीज की मौत के बाद आक्रोशित परिजनों ने लोगों के साथ मिलकर बवाल किया। सीएमएस को अस्पताल में दौड़ाकर पीटा। इमरजेंसी में मौजूद ईएमओ, वार्ड ब्वाय समेत सुरक्षाकर्मियों की भी पिटाई कर तोड़फोड़ की गई। इससे आक्रोशित स्वास्थ्यकर्मियों ने स्वास्थ्य सेवा ठप कर दी। एसपी के मनाने के बाद स्वास्थ्य सेवाएं बहाल हो सकी। ईएमओ की तहरीर पर चार अज्ञात लोगों के खिलाफ पुलिस ने रिपोर्ट दर्ज कर ली है। हालांकि शनिवार दोपहर हमलावरों के माफी मांगने के बाद दोनों पक्षों में समझौता हो गया।
शुक्रवार की रात करीब 11.15 बजे नई बस्ती बेगमवार्ड निवासी मोहम्मद अयूब को लेकर परिजन जिला अस्पताल की इमरजेंसी पहुंचे। ईएमओ डॉ. ए. चौरसिया ने उसकी जांच करने के बाद इलाज प्रारंभ किया। डाक्टर की मानें तो उसे दिल का दौरा पड़ा था। मरीज की हालत गंभीर देखते हुए तत्काल सीएमएस डा. आरडी द्विवेदी को बुलाया गया। इलाज के दौरान मरीज की मौत हो गई। इससे गुस्साए लोगों ने सीएमएस को पीटना शुरू कर दिया। सीएमएस जान बचाने के लिए वार्ड के भीतर की ओर भागे तो हमलावरों ने उन्हें वहां भी दौड़ाकर पीटा।
उनका आरोप था कि यदि सीएमएस विलंब से न आए होते तो मरीज की जान बचाई जा सकती थी। ईएमओ डाक्टर ए चौरसिया समेत अन्य लोग अपनी जान बचाने के लिए सर्जिकल, इमरजेंसी समेत दूसरे वार्डों में घुस गए, लेकिन हमलावरों ने इन लोगों को बाहर निकालकर पीटा। इस दौरान लोगों ने आक्सीजन सिलेंडर, कुर्सी, मेज समेत अन्य सामान क्षतिग्रस्त कर दिया। सूचना पर पहुंची पुलिस को देख बवाल व मारपीट कर रहे लोग मृतक के शव को स्ट्रेचर पर रखकर चले गए। घटना से आक्रोशित स्वास्थ्यकर्मियों ने रात में ही स्वास्थ्य सेवा ठप कर दी। मौके पर पहुंचे शहर कोतवाल हरपाल सिंह यादव ने किसी तरह सभी को शांत कराया।
रात में ही ईएमओ की तहरीर पर चार अज्ञात के खिलाफ पुलिस ने मुकदमा दर्ज किया। शनिवार की सुबह घटना से आक्रोशित स्वास्थ्यकर्मियों ने इमरजेंसी, पोस्टमार्टम व ओपीडी ठप कर दी। कर्मचारी विरोध प्रदर्शन करते हुए हमलावरों के खिलाफ सख्त कार्रवाई व गिरफ्तारी की मांग करने लगे। एसडीएम सदर व सीओ सिटी मनीष मिश्र ने कर्मचारियों को समझाने का प्रयास किया, लेकिन वे सुनने को तैयार नहीं थे। इस दौरान पुलिसकर्मियों से भी उनकी तकरार हुई। घटना की जानकारी करने के लिए पुलिस अधीक्षक माधव प्रसाद वर्मा अस्पताल पहुंचे। सभी से जानकारी लेने के बाद पुलिस चौकी की तत्काल स्थापना कराने का भरोसा दिलाया। इसके बाद इमरजेंसी सेवा व पोस्टमार्टम शुरू हो सका।