आसपुर देवसरा के पूर्व ब्लाक प्रमुख सभापति यादव की हत्या के लिए दस लाख रुपये की सुपारी लेने वाले शूटरों को मंगलवार की रात मानधाता मोड़ से एसटीएफ ने धर दबोचा। दोनों के पास से पिस्टल, तमंचा, कारतूस संग अपाची बाइक बरामद हुई है। पूछताछ के दौरान दोनों ने कई अहम राज उगले हैं। इसे गंभीरता से लेते हुए पुलिस छानबीन कर रही है।
इलाहाबाद क्षेत्र के एसटीएफ सीओ प्रवीण सिंह के दिशा निर्देश पर मंगलवार की रात उपनिरीक्षक अतुल सिंह, प्रभंजन पांडेय, साजिद खान, दिलीप कुमार व अजय दोनों शूटरों को दबोचने के लिए मानधाता मोड़ पर घात लगाकर बैठ गए। रात में अपाची से दो युवक तिराहे पर पहुंचे। एसटीएफ ने दोनों की घेराबंदी कर धर दबोचा। तलाशी के दौरान उनके पास से एक पिस्टल, एक तमंचा, कारतूस व चोरी की बाइक मिली। टीम के लोगों ने दोनों को कर्रा किया तो उन लोगों ने आसपुर देवसरा के पूर्व प्रमुख सभापति यादव की हत्या करने के लिए दस लाख रुपये सुपारी लिए जाने की बात स्वीकार की। पकड़े गए शूटर विनोद कुमार सिंह उर्फ मोनू निवासी उमरा थाना आसपुर देवसरा व मनीष सिंह उर्फ सनी पुत्र ओमप्रकाश निवासी जमालापुर थाना रामपुर जौनपुर ने बताया कि उन लोगों को जेल में निरुद्ध पिंटू सिंह ने प्रमुख सभापति यादव की हत्या के लिए दस लाख रुपये में सुपारी दी थी।
पिंटू और सभापति के बीच चुनाव के साथ ही पहले से वर्चस्व को लेकर रंजिश चली आ रही है। पूछताछ के दौरान दोनों ने जिले में हुई कई घटनाओं के अहम राज उगले। पुलिस उनसे पूछताछ करने के बाद कई शातिरों की तलाश में निकल पड़ी। एसटीएफ ने दोनों को मानधाता पुलिस के हवाले कर दिया। पुलिस ने दोनों के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर जेल भेजने की कार्रवाई शुरू कर दी है। प्रभारी एसओ अंगद यादव ने बताया कि दोनों के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर लिया गया है।