गैंगेस्टर कोर्ट से सजा सुनाए जाने के बाद सजायाफ्ता बंदी पुलिस अभिरक्षा
से भाग निकला। पुलिसकर्मी उसे दबोचने के लिए पीछा किए, लेकिन कामयाब नहीं
हो सके। इसे लेकर पुलिस महकमे में हड़कंप मचा रहा। अभिरक्षा में लगे
पुलिसकर्मियों से अधिकारी पूछताछ कर रहे हैं। गैंगेस्टर कोर्ट में
गुरुवार को कौशांबी के मंझनपुर थाना क्षेत्र के कोडर पश्चिमी निवासी उमेश
कुमार मिश्र और नेतानगर निवासी मनोज कुमार गैंगेस्टर के एक मामले में पेश
हुए। दोनों के मुकदमे में न्यायाधीश इश्तियाक अली को फैसला सुनाना था। शाम
को गैंगेस्टर कोर्ट ने वकीलों की दलील और गवाहों के बयान सुनने के बाद उमेश
और मनोज को पांच-पांच साल की सजा सुनाने के साथ ही पांच-पांच हजार रुपये
के अर्थदंड से दंडित किया।
सजा सुनते ही उमेश परेशान हो उठा। वे आपस में
बातचीत करने लगे। कुछ देर बाद पुलिसकर्मी उमेश और मनोज को जेल ले जाने के
लिए शेषन लॉकअप की ओर चल पड़े। मौका पाकर उमेश सिपाहियों को झांसा देकर भाग
निकला। उसके पीछे पुलिसकर्मी दौड़े, लेकिन तब तक वह आंखों से ओझल हो चुका
था। काफी देर तक तलाश करने के बाद भी उसका सुराग नहीं लगा। सूचना मिलने पर
कोतवाली पुलिस मौके पर पहुंची और सिपाहियों से पूछताछ करने लगी। इस खबर पर
पुलिस विभाग के अधिकारियों में हड़कंप मचा रहा। हालांकि नगर कोतवाल ने
बताया कि बंदी के भागने की जानकारी नहीं है। वह अभी दूर हैं। हालांकि चर्चा
इस बात की है कि पुलिस परिवार के लोगों पर दबाव बना रही है ताकि वह जल्द
से जल्द आ सके। पुलिस अफसर भी कुछ बताने को तैयार नहीं हैं।