तहसील में प्रधानी का चुनाव खूनी हो गया। 24 घंटों में दो हत्याएं हो चुकी हैं। देखा जाए तो यह दोनों हत्याएं लगभग एक ही समय की हैं, लेकिन दूसरी घटना सामने 12 घंटे बाद आई। चुनाव शुरू होने के पहले ही रमईपुर में मारपीट के साथ रिटायर्ड पीएसी के दरोगा की हत्या हो गई थी। चुनाव प्रचार के दौरान हुई मारपीट और हत्या में कई लेागों पर मुकदमा दर्ज हुआ। इसके बाद तो मारपीट और गोली मारने की घटनाओं की बाढ़ सी आ गई। लवाना में अधिवक्ता को गोली मारने की घटना हुई। इसके बाद कुशाहिल बाजार में गोली चली।
रामनगर में बाइक तोड़ने के साथ ही स्कार्पियो फूंकी गई। उधर आमीपुर में बूथ लूटने की घटना हुई। सबसे बड़ी घटना शनिवार की रात रमाशंकर यादव की गोली मारकर हत्या करने की रही। बाइक से आए बदमाश उन्हें धोखे से बाहर बुलाए और गोली मारकर निकल गए। इसमें एक अज्ञात पर रिपोर्ट दर्ज की गई है। पुलिस ने मौके से एक पिस्टल की मैगजीन और कुछ कारतूस भी बरामद की है। उधर पुलिस अभी सांस ही ले रही थी कि सुबह सरैया प्रवेशपुर में चुनावी रंजिश में सुरेंद्र की गोली मारकर हत्या कर दी गई। घटना इतनी वीभत्स थी कि लोगों का आक्रोश थमने का नाम नहीं ले रहा था। आखिर में एसओ हथिगवां को हटाने और आरोपियों को 72 घंटे के भीतर गिरफ्तार करने के आश्वासन पर शव उठाने में प्रशासन कामयाब हुआ।