बाइक चोर के आरोपी ने पुलिस कस्टडी में जहर खाकर जान देने का प्रयास किया। इसकी जानकारी मिलते ही पुलिस कर्मियों के होश उड़ गए। आननफानन में पुलिस उसे अस्पताल ले गई। यहां चिकित्सकों ने उसे सही बताया। तब जाकर पुलिसकर्मियों ने राहत की सांस ली। लालगंज कोतवाली क्षेत्र के पूरे हरकिशुन दुबे का पुरवा निवासी सुनील कुमार गुप्ता को पुलिस ने दो दिन पहले बाइक चोरी के आरोप में हिरासत में लिया था। पूछताछ के बाद बाइक बरामद कर मंगलवार की शाम उसे लॉकअप में बंद कर दिया गया और अगले दिन उसे जेल भेजने की तैयारी थी। बुधवार की सुबह होते ही सुनील ने लॉॅकअप के भीतर जहरीला पदार्थ (मच्छर भगाने का क्वॉयल) खाकर जान देने का प्रयास किया।
इसकी जानकारी जब पुलिस वालों को हुई तो उनके होश उड़ गए। सूचना पर लालगंज कोतवाली के दरोगा व सिपाही भागकर लॉकअप पहुंचे और उसे आननफानन में लालगंज सीएचसी ले जाया गया। यहां पुलिस ने स्वास्थ्य कर्मियों को बताया कि बाइक चोरी के आरोपी सुनील ने जहरीला पदार्थ खा लिया है। चिकित्सकों ने जांच के बाद जब आरोपी का स्वास्थ्य खतरे से बाहर बताया तब जाकर पुलिस की जान में जान आई। इसके बाद पुलिस सुनील को लेकर कोतवाली लौट आई। इस बीच सूचना पर उसके परिजन व गांव के लोग भी कोतवाली गेट पर पहुंच गए। भीड़ के चलते कोतवाली गेट पर कई तमाशबीन भी जुट गए। यह देख पुलिसकर्मियों द्वारा बताया गया कि सुनील की हालत पूरी तरह से खतरे से बाहर है और उसे जेल भेजा जाएगा।
परिसर में बने लॉकअप के भीतर जिन आरोपियों को बंद किया जाता है उनकी पहले पूरी तरह से तलाशी ली जाती है। लॉकअप के भीतर ज्वलनशील पदार्थ, रस्सी, ब्लेड, सुई, गमछा आदि रखे जाने पर प्रतिबंध रहता है। लॉकअप तक कोई पहुंच न पाए इसके लिए एक पुलिसकर्मी चौबीस घंटे तैनात रखा जाता है। इसके बावजूद आरोपी तक मच्छर भगाने का क्वॉयल व माचिस कैसे पहुंच गई। यह किसी की समझ में नही आ रहा है। पुलिस ने घटना को लेकर पूरी तरह से इंकार कर दिया। लेकिन जांच के दौरान यह जरूर बड़ा सवाल होगा कि लॉकअप की देखरेख में कहां खामी रह गई। इसके पीछे कोतवाली के सिपाहियों का पूरी तरह से हाथ होने की बात कही जा रही है।