रानीगंज थानेदार की लापरवाही ने शुक्रवार को बवाल करा दिया। एसओ ने यदि पूर्व की घटनाओं को संज्ञान में लेकर मतदान केंद्रों को अतिसंवेदनशील की श्रेणी में रखा होता तो बवाल टाला जा सकता था। रानीगंज थाना क्षेत्र के दहेरकला मुनी का पुरवा निवासी उमर अली और शिवगढ़ बिंदागंज निवासी पूर्व प्रमुख रमाकांत दूबे के बीच राजनैतिक दुश्मनी काफी दिनों से चली आ रही है।
मौका मिलते ही दोनों एक दूसरे पर प्रत्यक्ष व अप्रत्यक्ष तौर पर वार करने से नहीं चूकते। इससे पूरा क्षेत्र वाकिफ है। शुक्रवार को हुए बवाल के लिए कहीं न कहीं रानीगंज पुलिस जिम्मेदार है। यदि पुलिस ने दोनों प्रत्याशियों के बीच टकराव की आशंका जताई होती तो अतिसंवेदनशील की श्रेणी में बूथों को रखा जाता। वहां फोर्स की उपलब्धता रहती तो शायद बूथ लुटने से बच जाता। डीआईजी भगवान स्वरूप ने भी माना कि पुलिस की चूक ने बड़ी घटना को जन्म तो दिया है, जिले का माहौल खराब भी होने का मौका दिया है। उन्होंने सीओ रानीगंज की भी क्लास लगाई।