मिनी ट्रक लूटने के लिए बदमाशों ने चालक की हत्या कर दी थी। सई नदी में मिले अज्ञात शव की शिनाख्त कपड़ों से चालक के परिजनों ने की है। हालांकि पुलिस अभी किसी निष्कर्ष पर नहीं पहुंची है। जबकि उस शव के लिए पहले सांगीपुर की महिला ने दावा ठोंका था। दूसरे दिन उसका बेटा घर आ गया। इसके बाद शव को सई नदी के किनारे दफना दिया गया था।
नगर कोतवाली के गायघाट रोड के किनारे सई नदी में शनिवार को एक अज्ञात युवक का शव मिला था। चेहरे पर चोट के निशान भी थे। दूसरे दिन उस युवक की पहचान सांगीपुर थाना क्षेत्र के रंगौली निवासी कमला पत्नी रामसजीवन ने अपना बेटा रामसिंह बताते हुए की। शव का अंतिम संस्कार भी कर दिया गया। हालांकि दूसरे दिन ही राम सिंह घर आ गया। गुरुवार को इस मामले में नया मोड़ आ गया। नगर कोतवाली के पूरे पितई निवासी दुर्गेश कोतवाली पहुुंची और नदी में मिले शव के कपड़े देख उसे अपना पति कृष्ण कुमार बताने लगी।
दुर्गेश की मानें तो कृष्ण कुमार की उम्र करीब 60 वर्ष के आसपास है। इलाहाबाद से मिनी ट्रक पर अरहर की दाल लादकर निकला था। बाद में ट्रक इनहौना में मिला था। कृष्ण कुमार का पता नहीं लगा। उसने जिलाधिकारी को पत्र देते हुए मांग की है कि दफनाए गए शव को बाहर निकाला जाए। ताकि वह उसकी पहचान कर सके। उसने आशंका जताई है कि उसके पति की लुटेरों ने हत्या कर शव नदी में फेंक दिया। इस मामले में नगर कोतवाल अनिल कुमार ने बताया कि दुर्गेश व उसके परिवार के लोगों को बुलाया गया है।