युवक कांग्रेस के पूर्व महासचिव बबलू पांडेय की दुर्घटना मे मौत नहीं हुई थी, बल्कि उनकी हत्या की गई थी। इसके लिए एक पखवारे से उनकी रेकी की जा रही थी। पुलिस के दावों पर यदि यकीन करें तो बबलू पांडेय की हत्या की साजिश सुलतानपुर जेल से रची गई थी। एक आरोपी को गिरफ्तार कर लिया गया है। फिलहाल अभी बोलेरो व मुख्य अभियुक्त पुलिस की पकड़ से बाहर हैं।
बता दें कि लालगंज कोतवाली के डगरारा गांव निवासी कुलभूषण शुक्ल उर्फ बबलू पांडेय (40) की बाइक में बीते सात जुलाई को लालगंज कोतवाली के महिमापुर मोड़ के पास घुइसरनाथ हाईवे पर एक अज्ञात बोलेरो ने टक्कर मार दी थी। घटना में बाइक पर सवार उनके साथी भवरामबोझी निवासी राजेश पांडेय (41) की मौके पर ही मौत हो गई थी। गंभीर रूप से घायल बबलू पांडेय को सीएचसी लालगंज ले जाया गया, जहां डाक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया। बबलू पांडेय की पत्नी सुधा पांडेय ने लालगंज कोतवाली में अज्ञात लोगों के खिलाफ बोलेरो से कुचलकर हत्या किए जाने की रिपोर्ट दर्ज कराई थी। इस मामले को एसटीएफ के हवाले जांच के लिए किया गया था। पुलिस के मुताबिक, घटना को अंजाम देने के लिए सुलतानपुर जेल में बंद तूफान सिंह पुत्र शमशेर सिंह ने योजना बनाई थी।
काल डिटेल के आधार पर सांगीपुर थाना क्षेत्र के पचखरा गांव निवासी अरविंद सिंह को रविवार को कोतवाल सुरेश प्रसाद त्रिपाठी व एसआई आशुतोष त्रिपाठी ने लालगंज थाना क्षेत्र के इटौरी मोड़ के पास गिरफ्तार किया। पुलिस के मुताबिक आरोपी अरविंद सिंह हत्या की साजिश में शामिल था। अभी बोलेरो व मुख्य अभियुक्त पुलिस की पकड़ से बाहर हैं। घटना के बाद से ही इस मामले को लेकर तरह तरह की चर्चा होती रही।