कंधई थाने में तैनात हेड कांस्टेबिल रणजीत पांडेय (45) को गुरुवार की देर रात बाइक सवार बदमाशों ने टोकने पर गोली मार दी। गोली सीने को चीरते हुए पीछे से निकल गई थी। घायल एचसीपी हमलावरों की मंशा भांप बाइक से भगाकर थाने पहुंच गया। वहां से उसे पुलिस लेकर जिला अस्पताल आई। डाक्टरों ने प्राथमिक इलाज के बाद उसे इलाहाबाद रेफर कर दिया। घटना की खबर मिलते ही जिलाधिकारी अमृत त्रिपाठी, पुलिस अधीक्षक अखिलेश कुमार चौरसिया अस्पताल पहुंच गए। बदमाशों की तलाश में पुलिस जनपद की सीमाओं को सील कर चेकिंग कर रही है।
फैजाबाद निवासी रणजीत पांडेय रात करीब सवा नौ बजे बाइक से धोखाधड़ी के एक वांछित आरोपी की तलाश में सादी वर्दी में निकले थे। उनके पास सर्विस रिवाल्वर भी थी। वह किशुनगंज बाजार से कोहंडौर जाने वाले रोड पर कुछ दूर गए थे। सड़क के किनारे खड़े बाइक सवार दो बदमाशों ने एक युवक को तमंचे के बल पर रोक रखा था। मामला समझने के बाद वह बाइक लेकर लौटे और बदमाशों को टोका। यह देख बदमाशों ने रणजीत पर फायर झोंक दिया। गोली उनके सीने को चीरते हुए पीठ की ओर से निकल गई। बदमाशों की मंशा समझते ही वह वह अपनी स्टार्ट बाइक लेकर थाने की ओर भाग निकले। बदमाशों ने उनका पीछा भी किया, लेकिन एचसीपी के काफी आगे निकल जाने के चलते वे बाइक लेकर मदाफरपुर रोड की ओर चले गए।
घायल एचसीपी थाने पहुंचा। यह देख थानेदार लल्लन यादव जीप से लेकर उसे अस्पताल की ओर भागे। घटना की जानकारी मिलने पर अपर पुलिस अधीक्षक पूर्वी अखिलेश्वर पांडेय अस्पताल पहुंचे और डाक्टरों की टीम के साथ ही एंबुलेंस तैयार कराई। ईएमओ एसके पांडेय समेत अन्य डाक्टरों ने प्राथमिक इलाज के बाद उसकी हालत गंभीर देखते हुए इलाहाबाद रेफर कर दिया। मौके पर जिलाधिकारी, पुलिस अधीक्षक, अपर पुलिस अधीक्षक पश्चिमी दिनेश सिंह समेत भारी संख्या में पुलिस बल मौजूद रहा। इधर घटनास्थल का एसपी ने जायजा लिया और मातहतों से पूछताछ की। कई थानों की पुलिस मौके पर पहुंच गई। बदमाशों की धरपकड़ के लिए जनपद की सीमा को सील करने के बाद वाहनों की चेकिंग शुरू करा दी गई। पुलिस अधीक्षक अखिलेश कुमार चौरसिया ने बताया कि बदमाशों की तलाश में दबिश दी जा रही है। गोली मारने वाले बदमाशों को किसी भी सूरत में बख्शा नहीं जाएगा।
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थानेदार ने बताया एचसीपी के साथ थे सिपाही
कंधई थानेदार लल्लन सिंह यादव ने बताया कि वांछित की धरपकड़ के लिए निकले एचसीपी रणजीत पांडेय के साथ दो सिपाही भी थे। जो घटना के समय आगे निकल चुके थे। अहम बात यह है कि मान लिया जाए कि एचसीपी के साथ दूसरी बाइक से दो सिपाही भी थे तो फायर होने के बाद वे अपने अधिकारी की खोजखबर लेने के लिए क्यों नहीं पहुंचे। रास्ते में ही एचसीपी को रोककर इलाज के लिए जल्दी लाया जा सकता था लेकिन ऐसा नहीं हो सका। ग्रामीणों की मानें तो एचसीपी के साथ कोई भी नहीं था। वह अकेले ही बाइक से निकले था।
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मौके से मिला खोखा
किशुनगंज बाजार के करीब जिस स्थान पर एचसीपी को गोली मारी गई थी, उस स्थान पर खोजबीन के दौरान खोखा मिला। वह पिस्टल का था या 315 बोर का। इस बारे में पुलिस नहीं बता सकी।
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संवेदनशील बाजार से गायब थी पुलिस
कंधई थाना क्षेत्र की किशुनगंज बाजार संवेदनशील है। कई घटनाओं के बाद 24 घंटे बाजार में पुलिस पिकेट की मौजूदगी का आदेश अधिकारियों ने दे रखा है। गुरुवार की रात बाजार से पुलिस पिकेट नदारद थी। घटना के बाद बाजार की खुली दुकानें बंद हो गईं। पूरे बाजार मे कोई दिख नहीं रहा था। पुलिस पर हुए हमले के बाद लोग दहशत में दिखे।
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क्रासिंग में फंसी पुलिस की जीप
गोली लगने से घायल एचसीपी रणजीत को लेकर एसओ कंधई लल्लन यादव जिला अस्पताल की ओर लेकर भागे। चिलबिला रेलवे क्रासिंग ट्रेन गुजरने के चलते बंद थी। यह खबर जब जिला अस्पताल में मौजूद एएसपी पूर्वी को मिली तो वह परेशान हो उठे। उन्होंने नगर कोतवाल को तत्काल क्रासिंग पर पहुंचने और रास्ता खाली कराने को कहा। पुलिस अधिकारियों को भय सता रहा था कि कहीं क्रासिंग पर रुकने से होने वाले विलंब के चलते उसकी जान जोखिम में न पड़ जाए।