एचआईवी पीड़ितों के आपरेशन को लेकर तीन दिन से चल रहा सर्जन का ड्रामा मंगलवार को खत्म हो गया। जिला अस्पताल में पीड़ितों के शोर-शराबे और हंगामे के बाद सर्जन एचआईवी पीड़ितों का आपरेशन करने के लिए राजी हो गए। सीएमओ और सीएमएस ने अस्पताल परिसर में अनशन पर बैठे पीएनपी संस्था के कार्यकर्ताओं से बुधवार को आपरेशन कराने का वादा किया।
बता दें कि शनिवार को पीएनपी संस्था के अध्यक्ष विनोद यादव संस्था से जुड़े दो एचआईवी पीड़ितों का आपरेशन कराने जिला अस्पताल के सर्जन प्रेम मोहन गुप्ता के पास गए थे। इसमें से एक महिला की बच्चेदानी और दूसरे पुरुष का बवासीर का आपरेशन होना था। पीड़ितों को सीएमओ और सीएमएस ने सर्जन के पास भेजा था। दोनों को ओटी में ले जाने के बाद सर्जन ने बाहर कर दिया। बोले कि एचआईवी पीड़ितों का आपरेशन नहीं करते हैं। मामला जिलाधिकारी तक पहुंचा। डीएम के हस्तक्षेप के बाद सीएमओ और सीएमएस के दबाव के चलते सर्जन ने दोनों का आपरेशन करने के लिए सोमवार को बुलाया था।
मगर पता नहीं क्या हुआ उन्होंने फिर इनकार कर दिया। बोले कि बच्चेदानी का आपरेशन वह नहीं करते हैं। पुरुष की वायरल लोड रिपोर्ट न होने की बात कही। इससे नाराज पीएनपी संस्था के कार्यकर्ताओं ने बुधवार को सर्जन प्रेममोहन गुप्ता के खिलाफ जिला अस्पताल में घूम-घूमकर प्रदर्शन किया। सैकड़ाें की संख्या में एकत्र पीड़ितों ने सर्जन के आवास का घेराव किया। मगर, वह वहां नदारद मिले। बाद में संस्था के अध्यक्ष विनोद यादव भूख हड़ताल पर बैठ गए। इसकी खबर मिलते ही कई अधिवक्ता भी उनका समर्थन करने पहुंच गए। आखिरकार, उनकी मेहनत रंग लाई। दोपहर बाद सीएमओ विनोद पांडेय और सीएमएस आरडी द्विवेदी ने विनोद यादव को आफिस में बुलाया।
वहां पर सर्जन की मौजूदगी में वार्ता हुई। जिसमें प्रेममोहन पीड़ितों का आपरेशन करने पर राजी हुए। संस्था अध्यक्ष विनोद यादव ने बताया कि सीएमओ और सीएमएस के अथक प्रयास से सर्जन प्रेममोहन बुधवार को आपरेशन के लिए राजी हुए हैं।