घटना के बाद हर अधिकारी मानिकपुर के लिए निकल लिया। रात में करीब एक बजे तक आईजी आरके चतुर्वेदी के साथ ही डीआईजी जितेंद्र कुमार शाही भी मौके पर पहुंच गए। घटना में बारे में पूरी जानकारी करने के साथ ही उन्होंने मुकदमा दर्ज कर सारे अफसरों को आरोपियों की गिरफ्तारी किए जाने का निर्देश दिया। इसके पूर्व जनपद के एसपी माधव प्रसाद, सीडीओ, एडिशनल, के साथ ही सीओ सदर, सीओ सिटी, सीओ लालगंज, सीओ कुंडा सहित लालगंज कोतवाल, नवाबगंज एसओ, कुंडा कोतवाल, महेशगंज एसओ, हथिगवां एसओ, बाघराय, जेठवारा सहित कई थाने की फोर्स पहुंच गई थी। रात में ही आईजी, डीआईजी ने इसे बड़ा मामला बताते हुए अफसरों से अपने मुखबिरों को सजग करने का निर्देश दिया। उन्होंने अफसरों को चेताया कि यह पुलिस की छवि का सवाल है। ऐसे में आरोपियों को तुरंत गिरफ्तारी होनी जरूरी है। मानीटरिंग के लिए डीआईजी जितेंद्र कुमार शाही ने कुंडा में कैंप किया। वह गुरुवार की शाम तक आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए मौजूद रहे।