नगर के बेगमवार्ड में खेलने के दौरान बालक के हाथ एक झोला लग गया। जिसमें रखा बम अचानक फट गया। घटना में उसका चेहरा बुरी तरह झुलस गया। गंभीर हालत में परिजनों ने उसे जिला अस्पताल में भर्ती कराया है। हालांकि पुलिस का दावा है कि वह बम नहीं पटाखा था।
बेगमवार्ड निवासी मोहम्मद नावेद (11) पुत्र मोहम्मद अलताफ बुधवार को घर के पीछे साथियों के साथ बेर के पेड़ के पास खेल रहा था। प्रत्यक्षदर्शियों की मानें तो बेर के पेड़ पर ही एक झोला टंगा था। जिसमे कोई सामान भरा हुआ था। झोला देख नावेद खुद को रोक न सका। वह झोले को उतारकर देखा तो झोले में एक गेंद के आकार का सुतली लगा बम रखा था। इसके अलावा झोले के अंदर कागज व एक टीशर्ट भी रखा हुआ था।
उत्सुकता वश नावेद बम से अनजान होकर उसकी सुतली खोलने लगा। इस दौरान अचानक विस्फोट हो गया और नावेद का चेहरा बुरी तरह झुलस गया। विस्फोट की आवाज सुनकर उसके साथी भी चीखने चिल्लाने लगे। परिजनों के साथ ही आसपास के लोग पहुंच गए। गंभीर रूप से झुलसे बालक को जिला अस्पताल लाया गया। जहां उसका इलाज चल रहा है। हालांकि बाद में पेड़ के करीब खोजबीन के दौरान झोला नहीं मिला। तीन घंटे बाद भनक लगने पर जांच करने पहुंचे चौकी प्रभारी पीयूष पांडेय ने बताया कि विस्फोट बम का नहीं बल्कि पटाखे का था।
बेगमवार्ड में देशी बम फटने से बालक के झुलसने के बाद लोगों में तरह- तरह की चर्चाएं थीं। हालांकि पुलिस व मीडियाकर्मियों को देखते ही लोग चुप्पी साध लेते थे। चर्चा इस बात की रही कि झोले में एक ही बम रखा था। वह भी काफी पुराना था। जिससे उसके बारूद में नमी आ गई थी। इसलिए विस्फोट तीव्र नहीं था। यदि बारूद में तीव्रता होती तो और अधिक नुकसान हो सकता था।