महेशगंज के आजादनगर बाजार के करीब अवैध शराब की फैक्ट्री के सरगना समेत शराब बिकवाने वालों पर हाथ डालने से पुलिस कतरा रही है। मामले में बाबागंज ब्लाक प्रमुख समेत नौ लोगों को आरोपी बनाया गया है। वे अपने क्षेत्र में बराबर बने हुए हैं। उधर, ब्लाक प्रमुख पंकज सिंह ने दावा किया है वे अपने घर पर ही हैं। वह हर तरह की जांच के लिए तैयार हैं, लेकिन मंगलवार को दिनभर पुलिस ने उनसे संपर्क नहीं किया।
अवैध शराब कारोबार में रविवार को इलाहाबाद में पकड़े गए लोगों के बयान के आधार पर महेशगंज थाने में इलाहाबाद क्राइम ब्रांच के सर्विलांस प्रभारी सुनील कुमार दुबे ने रिपोर्ट दर्ज कराई। जिसमे बताया गया है कि अवैध शराब का कारोबार आजाद नगर स्थित रईस मिल से संचालित किया जाता है। रईस मिल को शराब माफिया सुधाकर सिंह ने कई वर्ष पहले खरीद लिया था। सुधाकर व दिवाकर निवासी पुरमई सुल्तानपुर अवैध शराब कारोबार के सरगना हैं। शराब की बिक्री कराने व वसूली में बाबागंज ब्लाक प्रमुख पंकज सिंह, गोलू सिंह, धरम सिंह, विनोद कुमार, कुलदीप पटेल, मनोज सिंह, कल्याणी दुबे व आकाश शामिल हैं।
इसके अलावा पंद्रह लोगों को पुलिस गिरफ्तार कर जेल भेज चुकी है। रिपोर्ट दर्ज करने के बाद भी जिले की पुलिस दूसरे दिन किसी हरकत में नहीं आई। यहां तक अवैध शराब के कारोबार से जुड़े लोग अपने थाना क्षेत्रों में भ्रमण करते रहे, लेकिन पुलिस उन पर हाथ डालने से कतरा रही है। बाबागंज ब्लाक प्रमुख पंकज सिंह का दावा है कि वह दिनभर अपने कार्यकर्ताओं के बीच क्षेत्र में रहे। वह अपने घर से कहीं नही गए। पुलिस ने उनसे संपर्क तक नहीं किया।