विकास खंड आसपुर देवसरा में इंदिरा आवास आवंटन में शासन के सारे नियम कानूनों को ताक पर रख दिया गया है। ताज्जुब की बात यह है कि पैसा निकल जाने के बाद भी आवास नहीं बने। हद तो यह हो गई कि मृतक के नाम पर आवास आंवटित कर उस पैसे को भी हजम कर लिया गया। इसी तरह एक बीपीएल नंबर पर दो लोगों को आवास आवंटित करने का मामला भी सामने आया है।
विकास खंड देवसरा के बाभनपुर गांव में दर्जनों लोग ऐसे है जिन्हें आवास का आवंटन हुआ। इसका भुगतान भी हुआ पर आवास बना हीं नहीं। पात्रों को दरकिनार कर अपात्रों को यह आवास जेब गरम होने के बाद रेवड़ी की तरह बांटे गए हैं। ग्राम सभा बाभनपुर में आवास आंवटन के दौरान हुई यह धांधली तब उजागर हुई जब जनसूचना के तहत जानकारी मांगी गई। गांव के राजनाथ के पास चार बीघा जमीन है। फिर भी उन्हें आवास दिया गया है। इसी तरह दुबई में रहने वाले व्यक्ति को भी आवास का आवंटन किया गया है।
गांव के धर्मनाथ के पक्के मकान को ही 2015 में निर्मित दिखाकर आवास का पैसा निकाल लिया गया। इसी तरह बीपीएल नंबर 29899 पर राम कृपाल व रामदुलार दोनों को आवास आंवटित कर दिए गए। हद तो तब हो गई जबकि गांव के निजामुद्दीन की मौत के बाद भी उसे आवास आंवटित कर रकम निकाल ली गई। ग्राम प्रधान व ग्राम पंचायत अधिकारी द्वारा आवास आवंटन में जमकर किए गए खेल को लेकर ग्रामीणों में रोष है। लोगों ने सीडीओ को मामले की जानकारी देकर कार्रवाई की मांग की है।