जिला अस्पताल में पुलिस के साथ मेडिकल कराने आई एक विवाहिता को पति ने कुछ लोगों के साथ मिलकर पेट्रोल डालकर फूंक दिया। चीख सुनकर परिजन दौड़े तो आरोपी भाग निकले। आनन-फानन में आग बुझाने के बाद उसका प्राथमिक इलाज कर डाक्टरों ने उसे इलाहाबाद के लिए रेफर कर दिया। आग बुझाने के दौरान विवाहिता का भाई और चचेरा भाई भी झुलस गए। मौके पर पहुंची पुलिस आरोपियों की तलाश कर रही है।
नगर कोतवाली के आजाद नगर निवासी मोहम्मद अकरम ने अपनी बेटी शगुफ्ता (27) का विवाह अहमद नगर निवासी मोहम्मद अहमद के साथ तीन वर्ष पहले किया था। शादी के दौरान अपनी हैसियत के मुताबिक दहेज भी दिया था। शगुफ्ता का आरोप है कि काफी दिनों से दहेज के लिए पति उसे प्रताड़ित करता था। उसका साथ परिवार के लोग भी देते थे। रविवार की रात उसके पति ने उसे पहले पीटा और बाद में तलाक दे दिया। उसके ऊपर केरोसिन डालकर आग लगाने की कोशिश भी की, लेकिन वह भाग निकली। सोमवार को वह मायकेवालोें के साथ नगर कोतवाली पहुंची। कोतवाल को आपबीती सुनाते हुए ससुराल के लोगों की प्रताड़ना बताई। कोतवाली पुलिस ने उसे मेडिकल के लिए होमगार्ड उमेश बहादुर व महिला गार्ड रमा श्रीवास्तव के साथ जिला अस्पताल भेज दिया। यहां मेडिकल के दौरान शगुफ्ता लघुशंका की बात कहते हुए बाहर की ओर निकल गई। उसके पीछे चचेरा भाई इस्माइल भी निकला। कुछ ही देर में शोरशराबा सुनकर लोग जिला अस्पताल में स्थापित पुलिस चौकी की ओर भागे।
वहां देखा तो शगुफ्ता आग का गोला बनी थी और चचेरा भाई इस्माईल व अन्य लोग आग बुझा रहे थे। आग बुझाते हुए उसे इमरजेंसी की ओर लाया गया। यहां भी पानी डालकर लोग उसकी आग बुझाते रहे। बाद में लोगों ने कंबल डालकर आग पर काबू पाया। इस दौरान इस्माइल व एक अन्य युवक भी झुलस गया। शगुफ्ता का आरोप है कि पति मोहम्मद अहमद समेत दो अन्य लोग उसे जबरन घसीटकर पुलिस चौकी की ओर ले गए और पेट्रोल डालकर आग लगा दिया। भाई समेत अन्य लोगों के दौड़ने पर वे भाग निकले। घटना की खबर मिलते ही नगर कोतवाल हरिपाल सिंह यादव अस्पताल पहुंचे। पीड़िता का बयान दर्ज कर आरोपियों की धरपकड़ के लिए पुलिस टीमें भेजी। इधर डाक्टरों ने शगुफ्ता की हालत गंभीर देखते हुए इलाहाबाद रेफर कर दिया।