प्रतापगढ़ नगर कोतवाली के पूरे पितई करनपुर गांव में गुरुवार देर रात एक किशोरी ने चार बच्चों को कुएं में फेंक दिया। इससे एक बच्चे की मौत हो गई, जबकि तीन बच्चों को चोटें आई हैं। पहले उसने अपने दो सगे भाइयों को घर से पांच सौ मीटर दूर कुएं में फेंका। घटना की जानकारी होने पर हो-हल्ला मचा ही था कि उसने भाई के बेटे और बेटी को खुशखुशवापुर स्थित कुएं में फेंक दिया। मौके पर जुटे ग्रामीणों ने किसी तरह उसके एक भाई और भतीजे-भतीजी को सकुशल कुएं से बाहर निकाल लिया, लेकिन एक भाई की डूबने से मौत हो गई।
घटना से घर में कोहराम मचा है। पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया। लोगों के अनुसार किशोरी मनोरोगी बताई जाती है। नगर कोतवाली के पूरे पितई करनपुर गांव निवासी शमशाद की बेटी रेशमा (18) मनोरोगी बताई जाती है।
बताते हैं कि परिजन उसका इलाज कराने के साथ ही झाड़फूंक भी करवा रहे हैं। शमशाद की मानें तो उसका पूरा परिवार गुरुवार की रात दरवाजे के सामने सो रहा था। देर रात रेशमा की नींद टूट गई। न जाने क्या सूझा कि उसने अपने छोटे भाई इरफान (7) व गुलफाम (5) को बिस्तर से उठाया और घर से कुछ दूर स्थित हालिमिया मस्जिद के बगल स्थित कुएं में ले जाकर फेंक दिया। कुएं से आवाज आने पर आसपास के लोगों की नींद टूट गई। वे जब तक कुएं के पास पहुंचे तब तक रेशमा भागकर अपने घर पहुंच गई। शोर पर गांव के तमाम लोगों के साथ शमशाद व उसके परिवार के लोग भी पहुंच गए। इस दौरान गांव के रमजू प्रसाद व एक बाइक मिस्त्री ने कुएं में कूदकर दोनों बच्चों को बाहर निकाला, लेकिन तब तक गुलफाम की मौत हो चुकी थी।
इरफान को भी चोटें आई थीं। खबर मिलने पर जब गुलफाम की मां बदरुल निशा व उसकी भाभी भी दरवाजे पर सो रहे बच्चों को छोड़कर घटनास्थल पर पहुंच गईं। इस बीच मौका मिलते ही रेशमा ने अपने बड़े भाई दिलशाद के बेटे जीशान (1) व इशरत जहां (2) को उठा लिया और उन्हें लेकर खुशखुशवापुर स्थित रामगरीब के बाग में बने कुएं के पास पहुंच गई। सुनसान देखकर दोनों मासूमों को कुएं में फेंक कर खुद थोड़ी दूर पर जाकर बैठ गई। कुआं खाली था। सुबह सहरी के समय खुशखुशवापुर निवासी मुबारक पुत्र निसार कुएं के पास पहुंचा तो अंदर से बच्चों के रोने की आवाज सुनाई पड़ी। उसने गांव के लोगों की इसकी जानकारी दी। इसके बाद बच्चों को किसी तरह कुएं से बाहर निकाला गया। किसी ने इसकी जानकारी कोतवाली पुलिस को दी। पुलिस मौके पर पहुंची और जांच पड़ताल करके लौट गई। किसी ने एसपी को फोन पर बताया तो उन्होंने भंगवाचुंगी चौकी इंचार्ज को भेजकर शव का पंचनामा करवाकर पोस्टमार्टम के लिए भेजवा दिया।