पंजाब नेशनल बैंक के भीतर से मंगलवार को एक सैनिक के एक लाख रुपये गायब हो गए। टप्पेबाज ने मदद करने के बहाने उसे चूना लगा दिया। बाद में उसकी काफी खोजबीन की गई, लेकिन कुछ पता नहीं चल सका। परेशान फौजी ने पुलिस से शिकायत करते हुए बैंककर्मियों पर मिलीभगत का आरोप लगाया है।
नगर कोतवाली के पूरे केशवराय निवासी अरविंद कुमार सिंह सेना में है। वह मंगलवार को पंजाब नेशनल बैंक पहुंचा। उसने अपनी मां मुन्नी देवी के खाते से डेढ़ लाख रुपये निकाले। इसके बाद सहायक मैनेजर से रुपये अपने खाते में जमा करने की बाबत जानकारी ली। पास बैठे व्यक्ति ने उससे बातचीत करते हुए कहा कि वह बैंक का कर्मचारी है। रुपये जमा करने में वह उसकी मदद कर सकता है। उसने बताया कि एक लाख रुपये का फार्म भरकर पीछे काउंटर से कैशियर के पास जमा हो जाएगा। उसके झांसे में आकर अरविंद ने फार्म और एक लाख रुपये कैशियर के पीछे काउंटर पर रख दिया।
इसके बाद उस व्यक्ति ने अरविंद को पासबुक की छायाप्रति कराने के लिए भेज दिया। वापस आने पर फिर से पचास-पचास हजार रुपये का फार्म भरने के लिए कहा। इसी दौरान वह व्यक्ति गायब हो गया। अरविंद कैशियर के पास एक लाख रुपये का फार्म जमा करने पहुंचा तो रुपये गायब मिले। इससे वह परेशान हो गया। उसने मदद के बहाने झांसा देने वाले की काफी खोजबीन की, लेकिन कुछ पता नहीं चला। उसने आरोप लगाया कि बैंककर्मियों की मिलीभगत से उसके एक लाख रुपये गायब हुए हैं। बैंक मैनेजर को भी मामले से अवगत कराया गया। काफी देर तक इंतजार के बाद भी मैनेजर नहीं आए तो परेशान फौजी ने घटना की शिकायत पुलिस से की। इस बाबत शहर कोतवाल अनिल कुमार ने बताया कि चौकी प्रभारी को जांच कर कार्रवाई के लिए कहा गया है। बैंक के सीसीटीवी में उस व्यक्ति की तस्वीर कैद है। बैंककर्मियों से भी पूछताछ होगी। इस बाबत बैंक मैनेजर से बात करने की कोशिश की गई, लेकिन संपर्क नहीं हो सका।