जनपद में घटनाएं थमने का नाम नहीं ले रही हैं। बवाल दर बवाल के चलते कानून व्यवस्था काबू में करने के लिए पुलिस को पसीना छूट रहा है। आईजी व डीआईजी की चेतावनी के बाद भी घटनाएं रोकने में थानेदार नाकाम साबित हो रहे हैं। लाख प्रयास के बाद भी ऐसे बवाल हो जा रहे हैं जिससे जिले की कानून व्यवस्था पर असर पड़ रहा है। जनपद की ध्वस्त कानून व्यवस्था के चलते आम लोगों को तमाम दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। पुलिस अधीक्षक की पुलिसिंग पूरी तरह फेल हो चुकी है। यहां तक कि आईजी व डीआईजी की टिप्स अपनाने वाले थानेदार व निरीक्षक भी अपराधों पर नियंत्रण करने में नाकाम साबित हो रहे हैं। एक सप्ताह के भीतर ऐसी हुई घटनाओं ने पुलिस की पेशानी पर बल ला दिया है।
रोडवेज परिसर से चिकमेट कंपनी के कस्टोडियन की गोली मारकर हत्या करने के बाद बदमाश सवा आठ लाख रुपये लूट ले गए थे। अभी तक एक भी बदमाश पुलिस के हाथ नहीं लगे। तभी सनसनीखेज घटना को अंजाम देते हुए व्यापारी नेता महादेव केसरवानी को घर में घुसकर गोली मार दी गई। दूसरे दिन कोहंडौर में एसबीआई के ग्राहक सेवा केंद्र के प्रभारी असलम को दो लाख रुपये लूटने के लिए गोली मारी गई थी। केवल पुलिस बदमाशों को चिन्हित करने का दावा ही कर रही है। रविवार को रानीगंज में छह घंटे के भीतर दो घटनाओं से पुलिस को पसीना छूट गया। बवाल को रोकने के लिए अधिकारी मातहतों को यहां से वहां दौड़ाते रहे। खुद पुलिस अधीक्षक को पूरी टीम के साथ हालात को काबू में करने के लिए आरोपियों की तलाश में गांव में दबिश देनी पड़ी। जनपद के बेकाबू हो रहे हालात को देखते हुए आम जनता भयाक्रांत दिख रही है।