स्कूल जा रही नि:शक्त छात्रा को बाइक सवार दो युवक अगवा कर ले भागे। मगर रायबरेली में अपहर्ताओं को झांसा देकर वह भाग निकली। सूचना पर पहुंचे परिजन उसे घर ले आए। घटना की तहरीर परिजनों ने पुलिस को दी है। पुलिस मामले की छानबीन कर रही है। थाना क्षेत्र के देवगढ़ कमासिन निवासी श्यामलाल राव की 14 वर्षीय पुत्री वंशिका राव नि:शक्त है। बुधवार की सुबह वह घर से कुछ दूर स्थित मिडिल स्कूल के लिए निकली। स्कूल से कुछ पहले ही बाइक सवार दो नकाबपोश युवकों ने जबरन उसे बाइक पर बैठा लिया और उसका मुंह दबाकर भाग निकले। वह स्कूल नहीं पहुंची। अवकाश के बाद घर नहीं लौटी तो परिजन उसकी खोजबीन करने लगे, लेकिन उसका कहीं पता नहीं लगा। शाम होने के बाद परिजनों को अनहोनी की चिंता सताने लगी।
वे रिश्तेदारी से लेकर सहेलियों के घरों में खोजबीन करते रहे। मामले की सूचना पुलिस को भी दी। गुरुवार की सुबह रायबरेली जीआरपी की सूचना पर रोते बिलखते परिजनों के चेहरे पर खुशी लौट पड़ी। परिजन वाहन से रायबरेली जीआरपी पहुंचे। वहां बेटी को सामने देख मां-बाप ने उसे गले से लगा लिया। पूछने पर उसने आपबीती सुनाई तो परिजनों के रोंगटे खड़े हो गए। उसने बताया कि बाइक सवार अपहर्ता उसे लेकर अमेठी पहुंचे। वहां रेलवे क्रासिंग के करीब सूनसान स्थान देख रुक गए। बाइक लेकर एक अपहर्ता कहीं चला गया। दूसरा उसकी निगरानी करता रहा। इसी बीच एक ट्रेन आकर रुक गई। भयभीत वंशिका मौके की तलाश में थी। इसी दौरान निगरानी कर रहा अपहर्ता मोबाइल पर किसी से बात करते हुए तीन लाख रुपये की डिमांड करने लगा। उसे झांसा देकर छात्रा ट्रेन पर चढ़ गई। उसकी मदद ट्रेन में सवार रायबरेली की रहने वाली सुनीता पांडेय ने की। यह देख अपहर्ता पहले तो दौड़ा, लेकिन यात्रियों की संख्या अधिक होने से पीछे लौट पड़ा। छात्रा की आपबीती सुनकर सुनीता ने उसे रात में रायबरेली जीआरपी के हवाले कर दिया था। परिजन उसे लेकर घर लौटे और पुलिस को तहरीर देकर कार्रवाई की मांग की। इस बाबत एसओ अजीत पांडेय ने बताया कि छात्रा के अपहरण की कहानी गले नहीं उतर रही है। परिजन मुकदमा नहीं लिखाना चाहते, लेकिन वह मामले की छानबीन कर रहे हैं।