फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

सिविल लाइंस में जमीन को लेकर बवाल

Thu, 14 Apr 2016 12:01 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो प्रतापगढ़
विज्ञापन
crime
विज्ञापन
बुधवार की सुबह शहर के सिविल लाइंस में जमीन को लेकर बवाल हो गया। विवादित जमीन पर निर्माण करा रहे भाजपा नेता की लोगों ने पिटाई कर सिर फोड़ दिया। मारपीट के दौरान लाइसेंसी राइफल क्षतिग्रस्त हो गई। विवाद के दौरान तहसीलदार सदर अपनी जान बचाकर भागे। मौके पर पहुंचे नगर कोतवाल ने दो लोगों को कार समेत दबोच लिया। उनके पास से राइफल, दोनाली बंदूक व रिवाल्वर बरामद हुई। दोनों पक्ष जमीन को अपना बता रहे हैं। भाजपा नेता की हालत गंभीर देख डाक्टरों ने उन्हें इलाहाबाद के लिए रेफर कर दिया।
विज्ञापन

नगर कोतवाली के सिविल लाइंस निवासी रवि प्रताप सिंह भाजपा के टिकट पर नगर पालिका अध्यक्ष का चुनाव लड़ चुके हैं। रवि के मुताबिक बस डिपो के करीब उन्होंने बलरामपुर के राजा से 14 सितंबर 2009 को जमीन खरीदी थी। जिस पर उनका कब्जा चला आ रहा है। 11 अप्रैल 2016 को  शेखर सिंह पुत्र शिवसागर सिंह निवासी अचलपुर व 25-30 अज्ञात लोग बाउंड्रीवाल क्षतिग्रस्त कर गेट उठा ले गए थे। डीएम के आदेश पर शेखर सिंह के खिलाफ मुकदमा भी दर्ज हो गया। जिलाधिकारी के आदेश पर बुधवार को तहसीलदार सदर चंद्रेश सिंह विवादित जमीन पर पहुंचे। भाजपा नेता रवि प्रताप सिंह ने क्षतिग्रस्त चहारदीवारी का निर्माण कार्य प्रारंभ करा दिया। इसी दौरान कई वाहनों से दर्जन भर से अधिक लोग लाइसेंसी असलहों के साथ पहुंचे। वे निर्माण कार्य का विरोध करने लगे।

दोनों ओर से कहासुनी के बाद गालीगलौज होने लगी। जब तक लोग कुछ समझ पाते कि उनके बीच मारपीट होने लगी। प्रत्यक्षदर्शियों की मानें तो हमलावरों ने भाजपा नेता को पीट दिया। असलहे की बट से प्रहार कर उनका सिर फोड़ दिया। विवाद के दौरान तहसीलदार सदर वहां से भाग निकले। घटना की जानकारी मिलते ही नगर कोतवाल हरपाल सिंह यादव मौके पर पहुंचे। उन्होंने कार सवार लोगों को रोक लिया। कोतवाल ने बताया कि तलाशी के दौरान राइफल, दोनाली बंदूक व रिवाल्वर मिली है। हमलावर शेखर सिंह व मयंक सिंह निवासी मीराभवन को हिरासत में ले लिया गया है। घायल भाजपा नेता को जिला अस्पताल भेजा गया है। चिकित्सकीय परीक्षण के बाद डाक्टरों ने उन्हें इलाहाबाद के लिए रेफर कर दिया। हिरासत में लिए गए शेखर व मयंक को छुड़ाने के लिए सत्तादल के नेताओें के फोन पुलिस अधिकारियों के साथ कोतवाल के पास आने लगे। इस पर सीओ सिटी जितेंद्र श्रीवास्तव कोतवाली पहुंचे और मामले की छानबीन की। पुलिस हिरासत में शेखर सिंह व मयंक सिंह ने बताया कि वह जमीन उन लोगों ने खरीदी है। प्रशासन उनकी बात सुनने के लिए राजी नहीं है। नगर कोतवाल ने बताया कि तहरीर का इंतजार किया जा रहा है और असलहों की बाबत छानबीन चल रही है।
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें