अमरगढ़ बाजार के विवादित मकान को खाली कराने के लिए देवसरा पुलिस सपा कार्यकर्ता को थाने उठा लाई। दो दिन उसे हिरासत में रखते हुए पीटा। इससे भड़के सपाइयों ने पुलिस के खिलाफ हल्ला बोलते हुए थाने में ही धरना दे दिया। हंगामे की खबर पर लाव लश्कर के साथ पहुंचे एसपी बलिकरन सिंह यादव ने हलका दरोगा को लाइन हाजिर करते हुए एसओ और दरोगा के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज करने का आदेश दिया। सीओ पट्टी को मामले की जांच कर रिपोर्ट देने को कहा है।
थाना क्षेत्र का अमरगढ़ बाजार उदईशाहपुर ग्राम सभा में आता है। यहां के बलराम वर्मा से रविपाल यादव निवासी रूपलपुर ने जमीन खरीद कर कमरोें का निर्माण कराया है। उसमें जवाहरलाल यादव ने फलों का गोदाम बना रखा है। इसके अलावा उसके चचेरे भाई सपा कार्यकर्ता अरविंद यादव ने सामने पान की गुमटी रखी है। इस जमीन को लेकर बलराम वर्मा ने दीवानी में वाद भी दायर कर रखा है। आरोप है कि कमरा खाली कराने के लिए थानाध्यक्ष आसपुर देवसरा ज्ञानेन्द्र नाथ व हलका दरोगा सियाराम वर्मा दो दिन पहले मौके पर पहुंचे। पुलिस जवाहर के न मिलने पर भाई अरविंद को ही थाने उठा लाई।
आरोप है कि दो दिन तक पुलिस ने उसे हिरासत में रखा। कमरा खाली करने का दबाव बनाते हुए उसे नग्न कर पुलिस ने पीटा। पुलिस ज्यादती की सूचना सपाइयों तक पहुंची तो वे भड़क उठे। शुक्रवार शाम सपा विधानसभा क्षेत्र अध्यक्ष राजेश यादव की अगुवाई में तमाम सपा कार्यकर्ता इकट्ठा हो गए। पहले तो लोग थानाध्यक्ष से ज्यादती न करने व उसे रिहा करने की बात कर रहे थे लेकिन पुलिस सपा नेता राजेश यादव से ही तकरार करने लगी। इससे आक्रोशित सपा नेता कार्यकर्ताओं के साथ धरने पर बैठ गए। इस बात की खबर इलाके के सपाइयों को हुई तो बड़ी संख्या में पदाधिकारी से लेकर कार्यकर्ता तक थाने पहुंच गए। सपा नेता विजय यादव, रमाशंकर यादव, सभापति यादव, उमाशंकर यादव, विनोद यादव, लाल बहादुर यादव सहित तमाम सपा कार्यकर्ता धरने पर बैठे रहे।
प्रकरण की सूचना जब जिला मुख्यालय पहुंची तो सुबह आठ बजे एसपी बलिकरन सिंह यादव, एएसपी अखिलेश्वर पांडेय, सीओ पट्टी सुकरमपाल तोमर, पट्टी के प्रभारी कोतवाल अजीत पांडेय समेत तमाम पुलिस बल के साथ मौके पर पहुंचे। जिला प्रशासन द्वारा सपा कार्यकर्ताओं को समझाने का प्रयास किया लेकिन वे थानाध्यक्ष व हलका दरोगा पर कार्रवाई की जिद पर अड़े रहे। एसपी के आदेश पर जवाहर यादव की तहरीर पर थानाध्यक्ष ज्ञानेन्द्र सिंह, दरोगा सियाराम वर्मा के विरुद्ध मारपीट, उत्पीड़न, मानसिक आघात पहुंचाने सहित तमाम धाराओं में मुकदमा दर्ज किया गया। एसपी ने हलका दरोगा सियाराम को लाइनहाजिर करते हुए सीओ को मामले की जांच कर रिपोर्ट देने का आदेश दिया। इसके बाद धरने पर बैठे सपाई माने और अरविंद को साथ लेकर घर लौटे।