लालगंज कोतवाली के लकुरी गांव के समीप बीते सोमवार को युवक से एक लाख रुपये लूट की घटना फर्जी निकली। ममेरे भाई से उधार ली गई रकम नहीं लौटा पाने पर युवक ने पत्नी के साथ मिलकर लूट की कहानी गढ़ी थी। बैंक मैनेजर ने रुपये निकाले जाने की बात से इंकार किया है। लालगंज कोतवाली के किशुनगढ़ वीरभद्रपुर निवासी लाल बाबू से क्षेत्र के लकुरी गांव के समीप सोमवार की शाम एक लाख रुपये लूटे जाने की घटना हुई थी। लाल बाबू ने सौ नंबर पर फोन कर बताया था कि रानीगंज कैथौला स्थित एसबीआई की शाखा से वह एक लाख रुपये निकालकर साइकिल से घर जा रहा था। रास्ते में बाइक सवार बदमाशों ने तमंचे के बल पर उसे लूट लिया। लूट की घटना की जानकारी होते ही पुलिस व इलाके के लोगों के बीच हड़कंप मच गया।
मंगलवार को सीओ सीताराम ने चौकी प्रभारी अमित सिंह को बैंक भेजकर जानकारी की तो शाखा प्रबंधक ने लालबाबू द्वारा एक भी पैसा नहीं निकाले जाने की बात कही। पुलिसकर्मियों ने बैंक में लगे सीसी टीवी कैमरे की फूटेज भी निकाली, लेकिन उसमें भी पीड़ित कहीं नहीं दिखा। लूट की वारदात संदिग्ध देख प्रभारी कोतवाल सभाजीत मिश्र आरोपी को लेकर कोतवाली आ गए। सीओ सीताराम की मौजूदगी में उससे पूछताछ की गई तो लूट की रची गई साजिश का खुलासा हो सका। लालबाबू ने बताया कि उसने संग्रामगढ़ इलाके के बसोए निवासी ममेरे भाई चंद्रपाल से साल भर पहले बीस हजार रुपये उधार लिया था।
उधार की रकम वापस न करना पड़े, इसके लिए लालबाबू ने अपनी पत्नी से मिलकर लूट की साजिश रच डाली। उसने बताया कि ममेरा भाई कई दिनों से उधारी का रुपया मांग रहा था। उसे लगा कि लूट की कहानी गढ़ने से उसे पैसा नहीं देना पड़ेगा। सीओ सीताराम ने बताया कि युवक ने उधार लिए गए रुपयेको हजम करने के लिए पत्नी के साथ मिलकर साजिश रची थी। फर्जी शिकायत करने वाले युवक के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।