होली वाले दिन जोगापुर कांशीराम कॉलोनी में संदिग्ध परिस्थितियों में वृद्ध समेत तीन बच्चों के जिंदा जलने से हुई मौत की गुत्थी सुलझाने में पुलिस जुट गई है। एसपी रविवार को घटनास्थल पर पहुंचे। घटनास्थल की वीडियोग्राफी कराने के साथ ही आसपास के लोगों का बयान दर्ज कराया। हालांकि मामले में अभी तक कोई ठोस सुबूत नहीं मिल सका है। फिलहाल पुलिस अभी इस घटना को आकस्मिक हादसा ही मान रही है। पोस्टमार्टम रिपोर्ट में चारों की जलने से मौत होने की ही पुष्टि हुई है।
पट्टी कोतवाली के नेवादा निवासी मन्नीलाल (70) और उसके नाती सोनू, मोनू तथा नातिन इतबारी निशा की जोगापुर कांशीराम कालोनी एक कमरे में होली वाले दिन जिंदा जलने से मौत हो गई थी। दिल दहला देने वाली इस दर्दनाक घटना से कॉलोनीवासी सहमे हैं। घटना की जांच को एसपी बलिकरन सिंह यादव फोर्स के साथ सोमवार को घटनास्थल पर पहुंचे। इस दौरान घटनास्थल वाले कमरे को खुलवाकर वीडियोग्राफी कराई गई। इसके बाद आस-पास के लोगों का बयान दर्ज कराया गया। पूछताछ व जांच में कोई सुराग न मिलने पर पुलिस वापस चली आई। जिस कमरे में हादसा हुआ वहां ताला लगा दिया गया है। फिलहाल पुलिस घटना को अभी आकस्मिक हादसा ही मान रही है। पुलिस सूत्रों के अनुसार घटनास्थल की वीडियोग्राफी से ही कुछ तथ्य पता लगाए जाएंगे। पोस्टमार्टम रिपोर्ट में भी हत्या से संबंधित कोई खुलासा नहीं हुआ। रिपोर्ट के मुताबिक चारों की जलने से मौत हुई है। एसपी सिटी ने बताया मामले की जांच की जा रही है। अभी तक मिले तथ्यों के आधार पर यह आकस्मिक हादसा ही साबित हो रहा है। फिलहाल पूरी जांच होने के बाद ही मामला स्पष्ट हो सकेगा।