फांसी लगाकर जान देने वाली विवाहिता की मां व भाइयों ने बेटी के ससुराल पहुंचकर जमकर हंगामा किया। आरोप लगाया कि बेटी ने फांसी नहीं लगाई बल्कि उसे मारकर टांग दिया गया है। हालांकि थाने में तहरीर नहीं दी गई है। पुलिस ने शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है।
संग्रामगढ़ थाना क्षेत्र के महमदपुर सोहाग गांव निवासी विनोद कुमर निर्मल सफाईकर्मी है। उसकी पत्नी उमा देवी का शव देर शाम कमरे में पंखे से फांसी पर लटकता मिला था। ग्रामीणों ने पुलिस को सूचना देकर शव को किसी तरह से नीचे उतारा। इसकी सूचना उसके मायके इलाहाबाद के खरवईं गारापुर में भी दी गई तो उन लोगों ने अगले दिन आने की बात कही। सुबह विवाहिता की मां राजकुमारी उसके तीन भाई मोनू, महेंद्र व राजेंद्र के साथ लगभग तीन दर्जन लोग पहुंचे। पहुंचते ही मायके पक्ष के लोगों ने विवाहिता के पति पर हत्या का आरोप लगाना शुरू कर दिया। काफी देर हंगामा होने के बाद शव को पोस्टमार्टम के लिए भेजा गया। उधर विवाहिता के बच्चों आदित्य (12), भूमि (5), अंशू (7) के अनुसार उसके पिता ने मां को तीन दिन पहले बेरहमी से पीटा था। एसओ एमपी त्रिपाठी ने बतया कि मामले में तहरीर नहीं मिली है। शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया गया है।